CIN /१६०वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई श्रद्धांजलि, महाकवि काशीनाथ पाण्डेय स्मृति प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, डा रवीन्द्र राजहंस को भी किया गया स्मरण
पटना, 9 मई। अपने युग की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को दिशा और दृष्टि प्रदान करने वाले युग-प्रवर्त्तक साहित्यकार थे महावीर प्रसाद द्विवेदी। हिन्दी भाषा और साहित्य के महान उन्नायकों में उन्हें आदर के साथ स्मरण किया जाता है। उनके विपुल साहित्यिक अवदान के…
CIN /१६०वीं जयंती पर साहित्य सम्मेलन में दी गई श्रद्धांजलि, महाकवि काशीनाथ पाण्डेय स्मृति प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, डा रवीन्द्र राजहंस को भी किया गया स्मरण
पटना, १५ मई। अपने युग की साहित्यिक और सांस्कृतिक चेतना को दिशा और दृष्टि प्रदान करने वाले युग-प्रवर्त्तक साहित्यकार थे महावीर प्रसाद द्विवेदी। हिन्दी भाषा और साहित्य के महान उन्नायकों में उन्हें आदर के साथ स्मरण किया जाता है। उनके विपुल साहित्यिक अवदान…
CIN /लेखक जियालाल आर्य की लेखन-शैली मोहित करती है : नंद किशोर यादव/साहित्य सम्मेलन में श्री आर्य के उपन्यास ‘सफ़ेद चादर’ का हुआ लोकार्पण
पटना, २८ अप्रैल। वरिष्ठ लेखक श्री जियालाल आर्य की लेखन शैली मोहित करती है। उनका उपन्यास ‘सफ़ेद चादर’ एक ऐसी रचना है, जिसे पढ़ना आरंभ करने के बाद समाप्त किए बिना छोड़ने का मन नहीं करता। समाज को केंद्र में रखकर अनेक उपन्यास लिखे गए हैं, किंतु…
CIN /काव्य-शास्त्र के मनीषी मर्मज्ञ थे आचार्य राम दहिन मिश्र, पृथ्वी की रक्षा के लिए मानसिक-प्रदूषण मिटाना सबसे आवश्यक साहित्य सम्मेलन में ‘पृथ्वी दिवस’ के साथ मनाया गया जयंती समारोह, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २२ अप्रैल। संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेज़ी और बांगला के उद्भट विद्वान आचार्य राम दहिन मिश्र काव्य-शास्त्र के भी मनीषी मर्मज्ञ थे। ‘काव्य-दर्पण’ और ‘कवि-विमर्श’ आदि अपने आलोचना-ग्रंथ में उन्होंने काव्य-शास्त्र और कवि की महिमा का…
CIN /आत्मोद्धारक थे तीर्थंकर महावीर और गुरु तेग़ बहादुर, अम्बेडकर थे समाजोद्धारक-प्रबुद्ध हिंदू समाज के तत्त्वावधान में आयोजित हुआ संयुक्त जयंती समारोह
पटना, २१ अप्रैल। अपनी आध्यात्मिक-चेतना से मानव-समुदाय की आत्मा के उद्धारक थे जैन धर्म के २४वें तीर्थंकर भगवान महावीर। अपने समय में गुरु तेग़ बहादुर सिंह ने भी यही कार्य किया। उन्होंने आत्म-सम्मान और आदर्शों की रक्षा हेतु बलिदान की शिक्षा दी। ये दोनों…
CIN /पं छविनाथ पांडेय के प्रयास से ही साहित्य सम्मेलन को भूमि मिली और भवन बना /जयंती पर श्रद्धा से याद किए गए सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष, आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, १४ अप्रैल। सम्मेलन के पूर्व अध्यक्ष और महान स्वतंत्रता सेनानी पं छविनाथ पाण्डेय के कारण ही बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन को भूमि प्राप्त हुई और सम्मेलन-भवन का भी निर्माण हुआ। यदि वो न होते तो देश के अन्य प्रांतीय साहित्य सम्मेलनों की भाँति बिहार…
CIN /विश्व की ३६ भाषाओं के ज्ञाता और यात्रा-साहित्य के जनक थे महापंडित राहुल सांकृत्यान,विदुषी कवयित्री थीं गिरिजा वर्णवाल, जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, १० अप्रैल । विश्व की ३६ भाषाओं के ज्ञाता और प्रयोगता थे,महापंडित राहुल सांकृत्यान। हिन्दी का संसार उन्हें यात्रा-साहित्य के पितामह के रूप में मान्यता देता है। बौद्ध-साहित्य से संबद्ध अनेकों दुर्लभ ग्रंथों की पांडुलिपियाँ, तिब्बत से खच्चरों पर लाद…
CIN /साहित्य सम्मेलन में व्यंग्य कथा-संग्रह ‘पुण्य की लूट’ का हुआ लोकार्पण, आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, ७ अप्रैल। साहित्य की सबसे कठिन विधा है ‘व्यंग्य’ ! इसे साधना सरल नहीं है। इसे फूहड़ता से बचाना और साहित्य के लालित्य के साथ परोसना एक बड़ी कला है, जिसे व्यंग्य के महान लेखक हरिशंकर परसाई ने सिद्ध की थी। बिहार के चर्चित चिकित्सक और लेखक…
CIN /पुष्प की अभिलाषा’ राष्ट्रवाद की प्रतिनिधि कविता है/ पं माखन लाल चतुर्वेदी की जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने दी काव्यांजलि
पटना, ४ अप्रैल। देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, कवि और पत्रकार पं माखनलाल चतुर्वेदी सच्चे अर्थों में ‘भारतीय आत्मा’ थे। उन्हें यह महान संबोधन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने दिया था। वे जीवन-पर्यन्त राष्ट्र और राष्ट्र-भाषा के लिए संघर्ष रत रहे।…
CIN /चिंतक साहित्यकार थे डा मुरलीधर श्रीवास्तव ‘शेखर’:विधान सभाध्यक्ष,जयंती पर साहित्य सम्मेलन में स्मृति-पुस्तकालय का हुआ लोकार्पण
पटना, ३१ मार्च। संस्कृत, हिन्दी, बँग्ला और अंग्रेज़ी समेत अनेक भाषाओं के उद्भट विद्वान तथा महान शिक्षाविद डा मुरलीधर श्रीवास्तव ‘शेखर’ की जयंती पर, रविवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में उनकी स्मृति को समर्पित नए पुस्तकालय का लोकार्पण…
CIN /३१ मार्च को होगा साहित्य सम्मेलन के दूसरे पुस्तकालय का लोकार्पण, प्रो मुरलीधर श्रीवास्तव ‘शेखर’ को समर्पित है नवनिर्मित पुस्तकालय
पटना, २७ मार्च। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन का सँवर्द्धित दूसरा पुस्तकालय लोकार्पण हेतु तैयार हो चुका है। सम्मेलन भवन के दूसरे तल के उत्तरी पार्श्व में आधुनिक रूप से विकसित किए गए इस पुस्तकालय को, सुविख्यात साहित्यकार स्मृति-शेष प्रो मुरलीधर श्रीवस्तव…
CIN /महान साहित्यकार,प्राध्यापक और राजनेता थे शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव : पूर्व राज्यपाल, जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ समारोह, कवियों ने दी गीतांजलि
पटना, २० मार्च । पटना से सांसद रहे लोकप्रिय राजनेता प्रो शैलेंद्रनाथ श्रीवास्तव एक महान साहित्यकार, प्राध्यापक और राज नेता थे। एक व्यक्ति में इतने गुण विरल होते हैं। उनका व्यक्तित्व अत्यंत मोहक और प्रभावशाली था। उनका जीवन सादगी और कर्मठता से भरा हुआ था।…