पटना /डा दीनानाथ शरण स्मृति सम्मान’ से विभूषित होंगे कवि दिलीप कुमार, ममता मेहरोत्रा को दिया जाएगा ‘शैलजा जयमाला सम्मान’
पटना, २४ जून। हिन्दी और नेपाली साहित्य में अपना अत्यंत महनीय अवदान देने वाले स्मृति-शेष साहित्यकार डा दीनानाथ शरण की स्मृति में प्रति वर्ष दिया जाने वाला स्मृति-सम्मान इस वर्ष चर्चित कवि और बिहार सरकार में विशेष सचिव दिलीप कुमार को प्रदान किया जाएगा। डा…
पटना /बहुत कुछ कहती है डा शंकर प्रसाद की पुस्तक ‘तपती धूप के साए’, हिन्दी साहित्य सम्मेलन में हुआ पुस्तक का लोकार्पण
पटना, २० जून। कला, संगीत और साहित्य के विविध आयामों से जुड़े चर्चित संस्मरणकार डा शंकर प्रसाद की सांस्कृतिक-यात्रा की, चार खंडों में प्रकाशित हो रही, पुस्तकों की दूसरी कृति ‘तपती धूप के साए’ भी प्रथम कृति ‘यादों के दरीचे’ की भाँति…
पटना /राष्ट्रभाषा के वलिदानी सेवक थे साँवलिया बिहारी लाल वर्मा, जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने अपने पूर्व अध्यक्ष को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
प्रिया सिन्हा की रिपोर्ट- पटना, १८ जून। माहात्मा गांधी के अवज्ञा आंदोलन में अनेको बार जेल की यातना सहने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी साँवलिया बिहारी लाल वर्मा भारत के एक ऐसे आदरणीय महापुरुष थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और समाज को समर्पित कर दिया।…
पटना /अपने साहित्य और स्मृतियों में सदैव जीवित रहेंगे नृपेंद्रनाथ गुप्त, साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा
पटना, १६ जून। हिन्दी के प्रति अपनी अनन्य निष्ठा और भक्ति के कारण साहित्य-समाज में अपनी विशिष्ट-छाप छोड़ानेवाले स्मृति-शेष साहित्यकार नृपेंद्रनाथ गुप्त अपने साहित्य और स्मृतियों में, ‘राष्ट्रभाषा- प्रहरी’ के रूप में सदैव जीवित रहेंगे। गुप्त जी…
पटना /नहीं रहे राष्ट्रभाषा प्रहरी नृपेंद्रनाथ गुप्त -साहित्य समाज में शोक की लहर
पटना, १२ जून। ‘राष्ट्रभाषा-प्रहरी के रूप में समादृत हिन्दी के वयोवृद्ध साहित्य-सेवी, साहित्यिक त्रैमासिकी ‘भाषा भारती संवाद’ के प्रधान संपादक और बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के वरीय उपाध्यक्ष नृपेंद्रनाथ गुप्त नहीं रहे। रविवार के…
पटना /महान शिक्षाविद और भाव-प्रवण कवि थे मेजर बलबीर सिंह ‘भसीन’-साहित्य सम्मेलन में ‘स्मृति सभाकक्ष’ का हुआ उद्घाटन
पटना, ८ जून। मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मेजर (डा) बलबीर सिंह ‘भसीन’ एक महान शिक्षाविद ही नहीं सिद्धांतवादी सदपुरुष और भाव-प्रवण कवि-साहित्यकार भी थे। उनकी पुस्तकें ‘पत्थर की चाहत’, ‘एक हिंदुस्तानी की खोज’ तथा…
पटना /अशोक यावले गायन-मंडली के राष्ट्रभक्ति-गीतों पर मुग्ध हुए कविगण, साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ राष्ट्रभक्ति गीतोत्सव- सम्मानित हुए कलाकार
पटना, ७ जून। महाराष्ट्र से आए गायन-मण्डली के राष्ट्रभक्ति गीतों ने नगर के कवियों और प्रबुद्ध श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। गुरुदेव सेवा मण्डल, नागपुर के इन कलाकारों के देश-भक्ति-रस में डूबे गीतों पर भाव-विभोर श्रोता झूमते और तालियाँ बजाते रहे। मंगलवार…
पटना /और भी दुनिया का सारा ग़म हमारे दिल में है –“आचार्य कलक्टर सिंह केसरी” जयंती पर साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई कवि-गोष्ठी
पटना, ५ जून। “है न कोई जगह बाक़ी दर्द सारे दिल में है/ और भी दुनिया का सारा ग़म हमारे दिल में है”– “कुछ खो दिया कुछ पा लिया/ कभी रो लिया कभी गा लिया”— । ऐसी ही मर्म-स्पर्शी पंक्तियों और गीत-ग़ज़लों से बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन आज गए…
पटना /सागरिका राय की कविताएँ मर्म-स्पर्शी शब्द-पुष्प गढ़ती हैं, साहित्य सम्मेलन में काव्य-संग्रह ‘अनहद स्वर’ का हुआ लोकार्पण
पटना, ३० मई। गम्भीर लेखन के लिए चर्चित विदुषी साहित्यकार सागरिका राय, भाव-संपदा और काव्य-कल्पनाओं से समृद्ध एक अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री हैं। इनका ‘भाव-कोश’ ज्ञान और प्रज्ञा के अजस्र स्रोत से समृद्ध हुआ है। इसीलिए इनकी कोमल-भावनाएँ, इनका…
पटना /बाल-साहित्य के अभावों की पूर्ति में जियालाल आर्य का योगदान महनीय,साहित्य सम्मेलन में हुआ पुस्तक ‘बाल गीत’ का लोकार्पण
पटना, २९ मई। सुप्रसिद्ध कथाकार जियालाल आर्य ने बाल-साहित्य की ओर अपनी लेखनी बढ़ाकर, साहित्य की इस मूल्यवान विधा को बहुत ही बल प्रदान किया है। ‘बाल-साहित्य’ में इन दिनों बहुत ही कम कार्य हुए हैं। इसके अभावों की मूर्ति में श्री आर्य का योगदान…
पटना /पूर्व राज्यसभा सांसद रवींद्र किशोर सिन्हा को दिया गया “महाकवि काशीनाथ पाण्डेय शिखर “सम्मान
पटना, २४ मई। वरिष्ठ पत्रकार, सुप्रसिद्ध समाजसेवी और पूर्व सांसद विद्यावाचस्पति रवींद्र किशोर सिन्हा को समाज-सेवा के क्षेत्र में अत्यंत मूल्यवान कार्यों के लिए महाकवि काशीनाथ पाण्डेय शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया है। मंगलवार को ‘कला-कक्ष’ के…
पटना /साहित्य सम्मेलन में हुआ कथा-संग्रह ‘मैं हारी नहीं हूँ’ का लोकार्पण, आयोजित हुई लघुकथा-गोष्ठी
पटना, २२ मई । लेखिका सरिता कुमारी की कहानियाँ पाठकों में जीवन के प्रति उत्साह और आत्म-विश्वास का सृजन करती हैं। इनकी कहानियों में नारी-चेतना अपने उत्कर्ष पर है। इनकी नायिकाएँ संघर्ष करती हैं, दुःख सहती हैं, पर न तो जीवन से निराश होकर थकती हैं, न हारती…