दिल्ली. कृषि सुधार विधेयक पर केंद्र सरकार की आज बड़ी जीत हुई है. लोकसभा से पास हो चुके कृषि विधेयक बिल को राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामें के बीच आज पास कर दिया गया. केंद्र सरकार की ओर से राज्य सभा में पेश किए गए तीनों विधेयकों कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 को राज्यसभा में ध्वनि मत से पास कर दिया गया.केंद्र सरकार के लिए इस बिल को पास कराना किसी चुनौती से कम नहीं था. इस विधेयक को लेकर एनडीए गठबंधन की सबसे पुरानी सहयोगी अकाली दल के विरोध की वजह से सरकार के लिए सदन के अंदर और बाहर भारी विरोध का सामना करना पड़ा. किसान बिल के पारित होने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही को कल यानी 21 सितंबर सुबह 9 बजे तक स्थगित किया गया. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस कानून को लोकतंत्र की हत्या बताया तो वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे काला कानून बताया.कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- ‘बाहुबली’ मोदी सरकार ने जबरन किसान बिल को पास कराया है, इससे ज्यादा काला दिन कुछ हो नहीं सकता। देश का किसान मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा.विरोध के दौरान आसन के सामने लगा माइक तोड़ दिया ममता के सांसद ने. मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सांसद वेल में पहुंच गए. कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा राज्यसभा का समय ना बढ़ाएं. मंत्री का जवाब कल हो, क्योंकि अधिकतर लोग यही चाहते हैं. राज्यसभा का समय 1:00 बजे तक है, लेकिन सरकार चाहती है कि इस बिल को आज ही पास किया जाए. विपक्ष के हंगामे के बीच नरेंद्र सिंह तोमर जवाब दे रहे हैं. इस बीच, सदन में हंगामा कर रहें सांसदो ने आसन के सामने लगे माइक को तोड़ दिया है.
धीरेन्द्र वर्मा की रिपोर्ट.





























