श्रीराम की विशेष रिपोर्ट:तिरुपति में आयोजित पहली राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन Lok Sabha के अध्यक्ष श्री ओम बिर्ला ने किया, जिसमें संसद व राज्य/संघ शासित प्रदेशों की महिला सशक्तिकरण समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत तभी समावेशी और विकसित राष्ट्र बन सकता है, जब हमारी बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनें।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि संविधान निर्माण प्रक्रिया में 15 महिला सदस्य शामिल थीं, जिन्होंने महिलाओं के समान अधिकार एवं अवसर सुनिश्चित करने हेतु संविधान को लिंग-न्यूट्रल बनाया। यह कदम भारतीय संविधान को महिलाओं के लिए एक मजबूत नींव प्रदान करता है।
सम्मेलन में देश के 20 से अधिक राज्यों से प्रतिनिधि उपस्थित रहे और विभिन्न राज्य स्तरीय व केन्द्रशासित प्रदेशों से आये प्रतिनिधियों ने महिला सशक्तिकरण व समानता के विभिन्न आयामों पर विचार विमर्श किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण से जुड़े कानून, नीतियों और उनके प्रभाव पर गहराई से चर्चा करना था, ताकि भारत में महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।




























