पटना, बिहार – बिहार की राजधानी पटना में स्वदेशी जागरण मंच और कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की एक संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें वैश्विक व्यापार युद्ध (टैरिफ वॉर) से उत्पन्न चुनौतियों को अवसर में बदलने पर गहन चर्चा हुई। अमेरिका द्वारा शुरू किए गए टैरिफ युद्ध की नीतियों का प्रभाव न केवल विश्वव्यापी व्यापार पर पड़ा है, बल्कि भारत के आर्थिक हितों पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है।
बैठक में वक्ताओं ने चिंता जताई कि अमेरिका की आर्थिक तानाशाही प्रवृत्ति भारत के परंपरागत व्यापार, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचा रही है। विशेष रूप से अमेज़ॉन और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों की नीतियों के कारण देश के छोटे और मझौले व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कैट के नेतृत्व में बिहार के 38 जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों को इन चुनौतियों से निपटने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा सके। स्वदेशी जागरण मंच ने इस दिशा में निरंतर कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता जताई।
इस बैठक में कई प्रमुख वक्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें कैट बिहार के अध्यक्ष श्री अशोक कुमार वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री कमल कुमार नोमानी, राष्ट्रीय सचिव डॉ. रमेश गांधी, पटना महानगर अध्यक्ष श्री राकेश कुमार डालमिया, चैंबर ऑफ कॉमर्स के श्री राजकुमार रश्मि, मोतिहारी के अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र कुमार स्वर्णकार, राष्ट्रीय वैश्य महासभा पटना के अध्यक्ष श्री सुजीत कुमार कसेरा, हाजीपुर के श्री मनोज कुमार निराला, युवा व्यवसायी सौरभ कुमार और शिवजी कसेरा, स्वदेशी जागरण मंच के श्री अजय उपाध्याय, डॉ. संजीव कुमार सिंह, साइन सिविल सर्विसेज के डायरेक्टर श्री गुलशन कुमार, पटना महानगर के सह-संयोजक श्री संदीप कुमार और पटना ग्रामीण के संयोजक श्री प्रमोद सिंह प्रमुख रहे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अमेरिका और चीन की आर्थिक चुनौतियों का मुकाबला लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन के रूप में किया जाएगा। बिहार, जो हमेशा से आंदोलनों की भूमि रहा है.



























