कौशलेन्द्र पाण्डेय/सोसाइटी ऑफ रीनल न्यूट्रीशन एंड मेटाबोलिज्म का वार्षिक सम्मेलन 26-27 अप्रैल 2025 को होटल मौर्या, पटना में भव्य रूप से संपन्न हुआ। आयोजन अध्यक्ष प्रो. हेमंत कुमार एवं आयोजन सचिव डॉ. प्रितपाल सिंह (अतिरिक्त प्रोफेसर, नेफ्रोलॉजी, IGIMS) के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अमरेश कृष्ण (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, एम्स पटना) के स्वागत भाषण से हुई।
सम्मेलन का उद्घाटन बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य सेवा योजनाओं की प्रशंसा करते हुए बताया कि आज देशभर में, विशेष रूप से बिहार के सभी जिलों में, निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे गुर्दा रोगियों के जीवन में नई उम्मीद जगी है।
मुख्य अतिथि प्रो. आर.के. शर्मा (निदेशक-नेफ्रोलॉजी, मेदांता, लखनऊ) ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 10 वर्षों में पटना समेत पूरे बिहार में नेफ्रोलॉजी सेवाओं में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। आज राज्य के कई सरकारी और निजी अस्पतालों में नियमित किडनी ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं और उत्कृष्ट परिणाम मिल रहे हैं।
दो दिवसीय सम्मेलन में प्रमुख विषयों पर देश के नामी नेफ्रोलॉजिस्टों और आहार विशेषज्ञों ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. दीपांकर भौमिक (एम्स नई दिल्ली) ने “इंटरमिटेंट फास्टिंग और इसका स्वास्थ्य पर प्रभाव”, डॉ. अश्वनी गुप्ता (सर गंगाराम अस्पताल) ने “गुर्दे की बीमारी में मोटापे का प्रबंधन”, और डॉ. श्याम बंसल (मेदांता) ने “तीव्र गुर्दा रोग में पोषण” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन में डॉ. अनीता सक्सेना स्मृति व्याख्यान प्रो. आर.के. शर्मा ने प्रस्तुत किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ए.के. भल्ला (सर गंगा राम अस्पताल), प्रो. अमित गुप्ता (अपोलो अस्पताल, लखनऊ) और प्रो. बिंदे कुमार (निदेशक, IGIMS पटना) उपस्थित रहे।
देशभर से आए 250 से अधिक नेफ्रोलॉजिस्ट और आहार विशेषज्ञों ने सम्मेलन में भाग लेकर गुर्दा रोग और पोषण के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम का समापन डॉ. शशि कुमार (निदेशक नेफ्रोलॉजी, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




























