कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी | नई दिल्ली/अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की अभिनव पहल: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने हेतु ‘सेंट्रल वक्फ पोर्टल’ विकसित, राष्ट्रीय कार्यशाला में दी गई मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण
देशभर के वक्फ बोर्ड प्रतिनिधियों ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित ‘सेंट्रल वक्फ पोर्टल’ की सराहना की है। इस अत्याधुनिक पोर्टल को वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से आए मास्टर ट्रेनर्स को इस पोर्टल की कार्यप्रणाली और विशेषताओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण सत्रों में पोर्टल के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, निगरानी और संपत्ति से संबंधित शिकायत निवारण प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस पोर्टल की सबसे खास बात इसका तीन-स्तरीय सुरक्षा और सत्यापन तंत्र है, जिसमें मेकर-चेकर-अप्रूवर की प्रणाली शामिल है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि किसी भी प्रकार की जानकारी अपलोड करने से पहले उसकी कई स्तरों पर जांच और स्वीकृति हो।
वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधियों का मानना है कि यह पोर्टल न केवल वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और समुदाय को उनका वाजिब हक मिल सकेगा।
इस पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों की डिजिटलीकृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सुलभ होगी, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप और समाधान संभव होगा।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के इस कदम को वक्फ प्रबंधन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में समुदाय के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

























