लखनऊ। सौरभ निगम।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश-विदेश के सभी योग साधकों को शुभकामनाएं देते हुए योग की भारतीय ऋषि परंपरा का स्मरण किया। उन्होंने संस्कृत के प्रसिद्ध श्लोक “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि योग न केवल स्वस्थ शरीर बल्कि स्वस्थ मस्तिष्क का भी माध्यम है।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को सराहते हुए कहा कि “हर भारतवासी आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभारी है, जिन्होंने योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिलवाई।”
उन्होंने आगे कहा कि आज जब संपूर्ण विश्व भारत की योग परंपरा के साथ जुड़कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है, यह भारत के सांस्कृतिक नेतृत्व और आध्यात्मिक चेतना का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री योगी ने ट्वीट के माध्यम से सभी योग साधकों को बधाई देते हुए योग को अपनाने और अपने जीवन को संतुलित व समर्पित बनाने की अपील की।
यह संदेश न केवल एक सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, बल्कि योग को जीवनशैली में शामिल करने की प्रेरणा भी है।





























