Kaushlendra Pandey/जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री हिमराज राम, प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र द्वारा एक पंचायत सचिव को दी गई धमकी और अपमानजनक टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाई वीरेंद्र का यह व्यवहार न केवल संविधान विरोधी है, बल्कि यह राजद के तथाकथित सामाजिक न्याय के दावों की पोल खोलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजद नेतृत्व इस मामले में भाई वीरेंद्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगा, या फिर अपनी चुप्पी से इस तरह के असंवैधानिक व्यवहार को बढ़ावा देगा?
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि राजद को तत्काल भाई वीरेंद्र के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और दलित समाज से माफी मांगनी चाहिए। तेज प्रताप यादव का ट्वीट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनका कथन राजद के आंतरिक अंतर्विरोधों को उजागर करता है, जहां एक ओर पार्टी संविधान और सामाजिक न्याय की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने विधायकों के इस तरह के व्यवहार पर चुप्पी साध लेती है।
उन्होंने कहा कि जब खुद तेज प्रतापत यादव यह कह रहे हैं कि उन्हें आरजेडी से साजिशन निकाला गया और संविधान का सम्मान केवल भाषणों तक सीमित है, तब यह साफ हो जाता है कि आरजेडी आंतरिक रूप से संविधान विरोधी और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है। राष्ट्रीय जनता दल को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि क्या भाई वीरेंद्र जैसे विधायकों को बचाकर राजद बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान नहीं कर रहा है? राष्ट्रीय जनता दल में केवल वोट की राजनीति के लिए दलित-पिछड़ा का नाम लिया जाता है, असल में उनका अपमान और शोषण ही आरजेडी की असली नीति है।























