भोपाल, 27 अगस्त (कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी)।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डॉ. आंबेडकर नगर स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित रण संवाद-2025 में कहा कि आधुनिक युद्ध की जटिलताओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मौजूदा तकनीक में निपुणता हासिल करना और नए नवाचारों व अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए तैयार रहना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि युद्ध अब केवल भूमि, वायु और समुद्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरिक्ष और साइबर स्पेस तक विस्तार पा चुका है। आज के समय में उपग्रह प्रणाली, एंटी-सैटेलाइट हथियार और स्पेस कमांड सेंटर किसी भी देश की शक्ति के अहम स्तंभ बन गए हैं।
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब जीत केवल सैनिकों की संख्या या हथियारों के भंडार से तय नहीं होगी, बल्कि सटीक हथियार, रियल-टाइम खुफिया जानकारी और उन्नत तकनीक इसकी असली कसौटी होंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक इतनी तेजी से बदल रही है कि जो देश युद्धक्षेत्र और उसके नियम तय करता है, वही निर्णायक बनता है।
उन्होंने हाल ही में संचालित ऑपरेशन सिंदूर को तकनीक आधारित युद्ध की बेहतरीन मिसाल बताया और कहा कि इससे पता चलता है कि खुफिया, निगरानी और संयुक्त बल संरचना कितनी अहम है। साथ ही रक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि 2027 तक सभी जवानों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो सेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।
राजनाथ सिंह ने स्वदेशी सैन्य प्लेटफॉर्म्स जैसे तेजस लड़ाकू विमान, एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम, आकाश मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर को भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारत अब सिर्फ आयातक नहीं, बल्कि रक्षा उपकरणों का विश्वसनीय निर्यातक बनने की ओर अग्रसर है।





























