Kaushlendra Pandey/पटना, 10 अगस्त। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के दो विधानसभा की मतदाता सूची में नाम होने के आरोपों पर उप मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि ऐसे लोग राजनीति को कलंकित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तथ्यों की जानकारी लेकर कुछ बोलना चाहिए।
उन्होंने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पहले उनका नाम परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज था। 30 अप्रैल 2024 में उन्होंने लखीसराय विधानसभा में अपना नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया और उसी समय पटना की वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। लेकिन, किसी कारणवश चुनाव आयोग ने पटना से उनका नाम नहीं हटाया। वह फॉर्म चुनाव आयोग द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया था।
उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि एसआईआर के दौरान जब चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की, तब उन्हें पता चला कि उनका नाम दो जगहों पर दर्ज है। इसके बाद उन्होंने पांच अगस्त को बीएलओ को आवेदन देकर पटना की वोटर लिस्ट से नाम हटाने का अनुरोध किया। उन्होंने दोनों की रिसीविंग कॉपी भी पत्रकारों को दिखाई। उन्होंने कहा कि वे एक ही जगह मतदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि संशोधन की प्रक्रिया अभी चुनाव आयोग द्वारा की जा रही है। इस प्रक्रिया में कई लोगों के नाम काटे गए हैं। उन्होंने साफ कहा चुनाव आयोग की गलती तब मानी जाती जब वह सुधार प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर नहीं देता। अभी तो फाइनल प्रारूप प्रकाशन नहीं हुआ है। मेरा नाम काटने की प्रक्रिया में है। चुनाव आयोग द्वारा एक महीने का संशोधन के लिए इसीलिए समय दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं का अपमान नहीं करती। जो दूसरों को कलंकित करने का प्रयास कर रहे हैं, उनसे उन्हें कुछ लाभ नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव फ्रॉडिज्म कर लोगों को बरगलाते हैं।
उप मुख्यमंत्री सिन्हा ने दुख जताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अपनी भाषा से किस तरह से खुद को कलंकित करता है और राजनीति को लज्जित करता है, वह शोभा नहीं देता। पूरे तथ्य की जानकारी पता करनी चाहिए। हल्की राजनीति से राजनीति की विश्वसनीयता गिरती है।





























