Kaushlendra Pandey/कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी, पटना ब्यूरो।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर आज पटना के एस. के. मेमोरियल हॉल में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ किलकारी के बच्चों द्वारा प्रस्तुत “बिहार गीत” से हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने की।
समारोह में राज्य के 71 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके प्रेरणादायक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के बाद विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें बालिका शिक्षा, गुरुजनों की महत्ता और भारतीय संस्कृति की झलक दिखी।
अपने संबोधन में अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने संत कबीरदास के प्रसिद्ध दोहे “गुरु गोविंद दोउ खड़े…” का उल्लेख करते हुए गुरु को समाज निर्माण का आधार बताया। वहीं, शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार ने “Back to Books”, “जल-जीवन-हरियाली” और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी योजनाओं की चर्चा करते हुए विद्यार्थियों से पुस्तकों को अपना सच्चा मित्र बनाने और सोशल मीडिया की लत से दूर रहने का आह्वान किया।
समारोह में भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और लोकतंत्र की बुनियाद है।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें राज्य परियोजना निदेशक श्री मयंक वड़वड़े, सचिव श्री अजय यादव, सचिव-सह-निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) श्री दिनेश कुमार, विशेष सचिव श्री सज्जन आर, निदेशक (प्राथमिक शिक्षा) श्रीमती साहिला और निदेशक (उच्च शिक्षा) प्रो. (डॉ.) नवीन अग्रवाल शामिल थे।
समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे और गुरुजनों को नमन करते हुए शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।





























