प्रियंका भारद्वाज/झारखंड में युवाओं के लिए एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार राज्य में पहली बार कमर्शियल पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर रही है। इस फैसले को राज्य के नौजवानों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उन युवाओं के लिए जो एविएशन सेक्टर में करियर बनाने का सपना रखते हैं।
सरकार का कहना है कि यह पहल न केवल युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि झारखंड को कौशल और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान भी देगी। कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग की शुरुआत विशेष रूप से संथाल परगना और दुमका क्षेत्र के युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है, जहां बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा संसाधनों के अभाव में अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाते।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अब सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों का राज्य नहीं रहेगा, बल्कि अनंत संभावनाओं का प्रदेश बनेगा। उन्होंने युवाओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि “आइए, अनंत संभावनाओं की ओर मिलकर कदम बढ़ाएं।”
सरकार जल्द ही प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी जारी करेगी। यह कार्यक्रम निजी व सरकारी साझेदारी के मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड में यह कदम रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और एविएशन इंडस्ट्री के विस्तार के लिहाज से ऐतिहासिक साबित होगा। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को मौका मिलेगा बल्कि प्रदेश को भी नई दिशा मिलेगी।



























