रामेश्वर महाविद्यालय के किशोरी सिन्हा सभागार में आईसीपीआर द्वारा प्रायोजित राष्ट्र निर्माण में सामाजिक समरसता की भूमिका विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी और महाविद्यालय परिसर में नवनिर्मित इनडोर और आउटडोर जिम का उद्घाटन बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश चंद्र राय, पूर्व राज्य मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के प्रो.(डॉ.) संजय पासवान, बिहार विधान परिषद के सदस्य दिनेश प्रसाद सिंह, प्राचार्य प्रो.(डॉ.) श्यामल किशोर, ए.एन कॉलेज पटना के प्रो. शैलेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया । इनडोर और आउटडोर जिम का निर्माण विधान परिषद के सदस्य दिनेश प्रसाद सिंह की निधि से कराया गया है ।
कार्यक्रम के स्वागत के क्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) श्यामल किशोर ने आगत अतिथियों का अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. संजय पासवान ने कहा कि सामाजिक समरसता में समानता और एकता को बल देना चाहिए । समाज के सभी लोगों को बराबर समझना,जाति, धर्म उनकी पृष्ठभूमि, वर्ग, लिंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करके सामाजिक समरसता पर बल देना होगा तभी एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण हो सकेगा ।
विधान परिषद सदस्य दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि सामाजिक समरसता एक व्यापक अवधारणा है । इस महाविद्यालय के प्रति मेरा विशेष लगाव है। मैं हर संभव इस महाविद्यालय के लिए खड़ा रहूंगा और जो भी मुझसे बन पड़ेगा करूंगा । दिनेश प्रसाद सिंह ने महाविद्यालय के विकास और उन्नति के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.) दिनेश चंद्र राय ने कहा कि भारत की संस्कृति विविधतापूर्ण रही है इसी वैविध्यता और आपसी सद्भाव के कारण ही अपना राष्ट्र समरस रहा है । प्रो. राय ने कहा कि जब समाज के सभी लोग आपस में मिलकर, बिना किसी भेद-भाव के एक-दूसरे का सम्मान करते हुए एक मजबूत और एकजुट रहकर राष्ट्र का निर्माण करते हैं तो सहज ही समाज में समरता आती है। छोटे – छोटे प्रयासों से ही एक दिन बड़ा काम हो जाता है । कुलपति जी ने महाविद्यालय के कार्यों से प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर के प्रयासों की भूरि – भूरि प्रशंसा की ।
कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता प्रो. शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि आपसी प्रेम और सौहार्द से लोगों के बीच प्रेम, सहयोग और समझदारी का भाव बढ़ाया जा सकता है । अपने राष्ट्र की विविधता को स्वीकार करना और उसे राष्ट्रीय हित के ऊपर रखना हम सबके मन में होना चाहिए तभी देशवासियों के मन में भावनात्मक एकता बन पाएगी और एक उन्नत और विकासशील राष्ट्र का निर्माण हो सकेगा ।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव और दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) रजनी रंजन ने दूसरे सत्र का संचालन किया तथा पहले सत्र के संचालक हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप कुमार सिंह रहे तथा धन्यवाद ज्ञापन अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ.शारदा नंद सहनी ने किया ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) निखिल रंजन प्रकाश, महाविद्यालय निरीक्षक प्रो. राजीव कुमार, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. रेनू बाला, डॉ. रमेश विश्वकर्मा, डॉ.विजय कुमार, डॉ.शारदा नंद सहनी,डॉ.उमेश कुमार शुक्ल,डॉ. सुमित्रा कुमारी, डॉ.संदीप कुमार सिंह,डॉ.गोवर्धन, डॉ.उपेंद्र गामी,डॉ.उपेंद्र प्रसाद, डॉ.अभिनय कुमार,डॉ.धीरज कुमार सिंह,डॉ.बादल कुमार,डॉ.महजबीन प्रवीन,डॉ.मीरा कुमारी, डॉ.अखिलेंद्र कुमार, डॉ.मीरा कुमारी,डॉ.पूनम कुमारी, डॉ.सर्वेश्वर, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. माहेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ. ऐनी जोया,डॉ.सरोज कुमार, कर्मचारियों में सीतेस कुमार, रीतेश रंजन, रजनीश कुमार, किशन, अभिषेक, प्रशांत, सोनू, आनंद , प्रभात सहित भारी संख्या में छात्र – छात्राओं और विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक और शोधार्थी उपस्थित रहे ।
डॉ.संदीप कुमार सिंह*
सहायक प्राध्यापक – हिंदी विभाग,मीडिया प्रभारी*
रामेश्वर महाविद्यालय मुजफ्फरपुर

























