17 मार्च 2026, पटना।जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्री हिमराज राम एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार आज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को केवल विस्तार देने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि उसे गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप बनाने की दिशा में ठोस और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इसी कडी में राज्य के 55 काॅलेजों को जल्द ही सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का निर्णय बिहार की शिक्षा क्रांति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
यह पहल केवल संस्थानों के उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार के युवाओं के भविष्य को नई ऊर्जा, नई दिशा और नए अवसर देने वाली दूरगामी योजना है। इन काॅलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा, आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी और छात्रों को ऐसे संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जो उन्हें राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि शिक्षा के इस बदलते स्वरूप के अनुरूप शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे नई तकनीकों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें। यह स्पष्ट संकेत है कि बिहार सरकार केवल भवन और ढांचे नहीं बना रही, बल्कि ज्ञान, कौशल और रिसर्च पर आधारित एक मजबूत शैक्षणिक संस्कृति का निर्माण कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार के दौरान आने वाले समय में बिहार उच्च शिक्षा, तकनीकी नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि बिहार अब केवल बदलाव की बात नहीं करता, बल्कि बदलाव को जमीन पर उतारकर नई मिसाल कायम कर रहा है।





























