नई दिल्ली | कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी/ Ministry of Health and Family Welfare ने हरियाणा और दिल्ली में जिला स्तर पर एचआईवी नियंत्रण को तेज़ करने के उद्देश्य से ‘सुरक्षा संकल्प कार्यशाला’ का आयोजन किया। इस पहल का मकसद एचआईवी/एड्स के खिलाफ समन्वित और प्रभावी रणनीति के जरिए जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल करना है।
कार्यशाला में बताया गया कि देशभर में 219 जिलों को एचआईवी/एड्स के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, जिनमें हरियाणा के 11 और दिल्ली के 7 जिले शामिल हैं। इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार को सुदृढ़ किया जाएगा।
इस दौरान Dr. Rakesh Gupta, अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक, National AIDS Control Organisation (NACO) ने कहा कि एचआईवी देखभाल की पूरी श्रृंखला में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए “whole-of-system synergy” बेहद जरूरी है।
कार्यशाला में उपचार से जोड़ने (treatment linkage), वायरल सप्रेशन और लक्षित पहुंच (targeted outreach) को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। यह पहल साक्ष्य-आधारित और डेटा-आधारित रणनीति के जरिए एचआईवी नियंत्रण को मजबूत करेगी।
सरकार ने वर्ष 2027 तक एचआईवी/एड्स महामारी पर नियंत्रण पाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 95:95:99 के वैश्विक मानकों को हासिल करने की दिशा में प्रयास तेज़ किए जा रहे हैं।
यह पहल भारत की उस वैश्विक प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जिसके तहत 2030 तक एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने दोहराया कि सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।



























