Kaushlendra Pandey बिहार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर नई मिसाल कायम करते हुए वर्ष 2026 के मैट्रिक (10वीं) परीक्षा का परिणाम मार्च माह में ही जारी कर दिया। इसी के साथ बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने लगातार इंटर और मैट्रिक दोनों परीक्षाओं के परिणाम मार्च में प्रकाशित किए हैं।
राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने औपचारिक रूप से रिजल्ट जारी करते हुए सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है, जिसका परिणाम आज पूरे देश के सामने है।
इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में प्रथम स्थान संयुक्त रूप से दो छात्राओं ने हासिल किया। सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय वैशाली की सबरीन प्रवीन ने टॉप कर राज्य का नाम रोशन किया। दोनों की इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग और परिजनों में खुशी का माहौल है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि समय पर परीक्षा और परिणाम जारी करना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर योजना बनाने में सहूलियत मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना कम हो गई है।
इस वर्ष परीक्षा परिणाम में छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से बेहतर रहा है, जो राज्य में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी अब सफलता में बाधा नहीं बन रही है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की इस उपलब्धि की शिक्षा विशेषज्ञों ने भी सराहना की है। उनका मानना है कि समयबद्ध परीक्षा और परिणाम से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया भी सुगम होती है।
राज्य सरकार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।



























