Kaushlendra Pandey /गंगटोक। भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने गुरुवार को सिक्किम विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि Sikkim University केवल शिक्षा और शोध का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की भाषा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की भी बड़ी जिम्मेदारी निभा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि सिक्किम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और जैव विविधता के कारण पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति गहरी संवेदनशीलता दिखाई देती है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विद्यार्थियों से शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के युवाओं में अपार प्रतिभा है और वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राष्ट्रपति ने सिक्किम को “पूर्ण साक्षर राज्य” घोषित होने पर राज्य सरकार और जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं और सिक्किम इसका उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
समारोह में सिक्किम के राज्यपाल Om Prakash Mathur, मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को डिग्रियां एवं मेधावी छात्रों को मेडल प्रदान किए गए।





























