सौरभ निगम /नई दिल्ली/कोलकाता। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल में पीएम जनमन (PM JANMAN) और DA-JGUA योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से जनजातीय समुदायों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान National Education Society for Tribal Students (NESTS) ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य देशभर में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) नेटवर्क को और मजबूत बनाना है।
समझौते के तहत अब EMRS योजना में प्रति छात्र खर्च को ₹61,500 से बढ़ाकर ₹1.47 लाख कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, आवास, भोजन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक में पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए घर-घर सर्वे अभियान भी शुरू करने की घोषणा की गई। इस सर्वे का उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है।
केंद्र सरकार ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है तथा पीएम जनमन जैसी योजनाएं जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।




























