प्रियंका भारद्वाज /नई दिल्ली | कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी/
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का पहला दिन उत्साह, नवाचार और दूरदर्शी विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उद्योग जगत, सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र, नीति-निर्माताओं और निवेशकों ने भाग लिया तथा झारखंड को डिजिटल, औद्योगिक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान Google, Oracle, Microsoft, IBM सहित कई अग्रणी वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ झारखंड के Digital Future, Artificial Intelligence (AI), Digital Governance, Electronics Manufacturing, Skilling और Investment जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करने, रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार और निवेश बढ़ाने के लिए विभिन्न सुझाव भी दिए।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि झारखंड की पहचान केवल उसकी समृद्ध खनिज संपदा तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की युवा प्रतिभा, ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार क्षमता भी उसे नई वैश्विक पहचान दिला सकती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह संदेश दिया गया कि “झारखंड की पहचान सिर्फ Mines से नहीं, Minds से भी हो; सिर्फ Resources नहीं, Research से भी हो; सिर्फ Extraction नहीं, Innovation से भी हो और सिर्फ Growth नहीं, Inclusive Growth से भी हो।”
सरकार ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल उद्योग स्थापित कराना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें बेहतर नीतियाँ, विश्वसनीय आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन, आधुनिक तकनीक, पारदर्शी शासन और सतत विकास एक साथ आगे बढ़ें। इसी मॉडल के माध्यम से झारखंड को निवेश और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
कंसल्टेशन के दूसरे दिन का मुख्य फोकस पर्यटन और औद्योगिक निवेश रहेगा। इस दौरान झारखंड अपनी प्राकृतिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेगा। साथ ही विभिन्न संस्थानों के साथ महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने की भी संभावना है, जिनसे निवेश, रोजगार, कौशल विकास और नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का विश्वास है कि यह राष्ट्रीय परामर्श झारखंड को आत्मनिर्भर, विकसित और निवेशकों के लिए आकर्षक राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।



























