सौरभ निगम /पटना/फुलवारीशरीफ | कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी
.अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले बुधवार को फुलवारीशरीफ प्रखंड मुख्यालय पर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर व्यापक प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोज़र नीति, आवास, रोजगार, भूमि अधिकार, मनरेगा और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा अपनी मांगों के समर्थन में प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक कॉमरेड गोपाल रविदास ने किया। इस दौरान खेग्रामस के प्रखंड सचिव गुरदेव दास, जिला कमेटी सदस्य जयप्रकाश पासवान, साधु शरण, प्रखंड सचिव देवी लाल पासवान, अध्यक्ष कॉमरेड सरीफा माझी, अनिल कुमार, चंद्रवंशी, मंटू साह, भोला चौधरी, ललीन पासवान, रंजन दास, नौलेश कुमार यादव, कामेश्वर पंडित, जनम जय समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में बुलडोज़र की राजनीति किसी भी कीमत पर नहीं चलने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए खेग्रामस लगातार संघर्ष करता रहेगा और सरकार को जनविरोधी नीतियां वापस लेनी होंगी।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें मनरेगा के तहत सभी जरूरतमंद परिवारों को वर्षभर रोजगार उपलब्ध कराने, न्यूनतम दैनिक मजदूरी 700 रुपये निर्धारित करने, वर्षों से सरकारी भूमि पर बसे गरीब परिवारों को जमीन का पर्चा देने, मजदूर कॉलोनी का निर्माण कराने तथा गोनपुरा मॉडल स्कूल के स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाने की प्रमुख मांग शामिल रही।
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने फुलवारीशरीफ के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने बताया कि अंचलाधिकारी के प्रखंड मुख्यालय पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल उनसे भी मुलाकात करेगा और भूमि सहित अन्य लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा करेगा।
खेग्रामस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।





























