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अनुज कुमार मिश्रा , सब एडिटर
प्रत्येक साल की तरह इस साल भी अपनी परंपरा को कायम रखते हुए, छठ पूजा के शुभ अवसर पर नहाए खाए (31/10/2019) की रात आजाद नवयुवक नाट्यकला परिषद् पजिअरवा द्वारा एक समाजिक नाटक “कफन को पहचानो” उर्फ “राखी की कसम” का भव्य मंचन।नाटक का मंचन बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के जिला मुख्यालय मोतिहारी से लगभग 40 किमी की दूरी पर सुगौली प्रखंड के पजिअरवा गाँव के पुस्तकालय परांगण में किया गया । नाटक को देखने के लिए दूर दूर से दर्शक पहुंचे । दर्शक वर्ग में काफी संख्या मे पुरुष, महिलाओं के साथ बच्चे भी मौजूद थे और सब ने नाटक का आनंद लिया । नाटक का निर्देशन श्री अनिल भगत तथा मंचन श्री अजीत मिश्र के द्वारा किया गया । हर साल की तरह इस बार भी श्री अजीत मिश्र “चुन्नू” द्वारा स्थापित “राजेंद्र कला स्मृति योजना” के तहत दो सबसे बढ़िया कलाकार को मेडल, बाकी कलाकरो को सांत्वना पुरस्कार तथा परिषद् को ग्यारह सौ रूपए की नगद राशि भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। एक तरफ जहां ना तो सरकार नाही लोगो को अपने संस्कृति की कोइ फिक्र है ऐसे में आजाद नवयुवक नाट्यकला परिषद् पजिअरवा द्वारा अपने परंपरा को कायम रखना तारीफ के काबिल है, निश्चित ही इससे आने वाली पीढ़ी को अपने संस्कृति एवं परंपरा को समझने का मौका मिलेगा ।





























