आयुष्मान योजना’ विश्व की सबसे बड़ी योजना : मंगल पाण्डेय, सत्तर पार के नागरिकों को आयुष्मान-कार्ड देने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति किया गया कृतज्ञता-ज्ञापन
पटना, ८ दिसम्बर। भरत सरकार की आयुष्मान योजना जनहित की संसार में सबसे बदी योजना है, जिसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क़द पूरे विश्व मेन ऊँचा किया है। इस योजना के अंतर्गत केवल बिहार राज्य में पंद्रह लाख से अधिक लाभार्थियों को दो हज़ार चौरासी करोड़…
हमने सुना है इस सदी में पत्थर के दिल धड़केंगे – ग़ज़ल-गोष्ठी और लोक-भाषा कवि-गोष्ठी के साथ ‘लेख्य-मंजूषा’ का आठवाँ वार्षिकोत्सव हुआ संपन्न
पटना, ६ दिसम्बर । “हमने सुना है इस सदी में पत्थर के दिल धड़केंगे/ इसीलिए जिस्मो-दिल को पत्थर बनाता जाता हूँ।” ग़ज़ल की इन पंक्तियों से बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने, लेख्य मंजूषा द्वारा आहूत दो दिवसीय आठवें…
पटना /जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने तीनों विभूतियों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २७ नवम्बर। अपने समय की महान विदुषी और गोवा की पूर्व राज्यपाल डा मृदुला सिन्हा एक ऐसी साहित्यिक विभूति थीं, जिन्हें मरुथल हो रहे समाज में, ‘प्रेम-सुधा की अविरल धारा’ कहा जा सकता है। वो सरस्वती की साक्षात प्रतिमा थीं। भारतीय संस्कृति का…
CIN /पुस्तकालय और संग्रहालय ज्ञान परंपरा के आधार हैं: डा सी पी ठाकुर
पटना, २५ नवम्बर। एक पुस्तकालय अथवा संग्रहालय, विद्यालय की भाँति ही हमारी ज्ञान परंपरा के आधार हैं। इनसे एक दो नहीं, अनेकों लोग लाभान्वित होते हैं। ऐसी संस्थाओं की स्थापना और संचालन समाज की बड़ी सेवा है। यह बातें रविवार को नासरीगंज, दीघा स्थित…
CIN /२३ मार्च को आयोजित होगा शिवहर ज़िला हिन्दी साहित्य सम्मेलन का अधिवेशन
शिवहर, २० नवम्बर। शिवहर ज़िला हिन्दी साहित्य सम्मेलन का एक पूर्ण दिवसीय अधिवेशन आगामी २३ मार्च को भव्य रूप में आयोजित होगा, जिसमें तीन सौ से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे तथा हिन्दी भाषा और साहित्य के उन्नयन पर गहन विमर्श करेंगे। अधिवेशन में विविध साहित्यिक…
पटना /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ कवि सम्मेलन, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद नें किया कार्यक्रम का उद्धघाटन
पटना, १८ नवमबर। ‘१९४२-क्रांति’ के अग्र-पांक्तेय नायकों में एक पं बुद्धिनाथ झा ‘कैरव’ एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, एक आदर्श राजनेता और स्तुत्य साहित्यकार भी थे। स्वतंत्रता पूर्व १९३७ में बिहार विधान सभा के लिए हुए निर्वाचन…
नागालैंड साहित्य महोत्सव’ में ‘हिन्दी-गौरव-सम्मान’ से विभूषित होंगे डा अनिल सुलभ
पटना, १३ नवम्बर। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और वरिष्ठ साहित्यकार डा अनिल सुलभ नागालैंड साहित्य महोत्सव में ‘हिन्दी-गौरव सम्मान’ से विभूषित किए जाएँगे। अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति द्वारा आगामी १९ दिसम्बर से…
CIN /साहित्य सम्मेलन में तीनों विभूतियों की मनाई गई जयंती, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, १० नवम्बर। आधुनिक बिहार के सबसे गौरवशाली व्यक्तित्व थे डा सच्चिदानन्द सिन्हा। विद्वता, विनम्रता,दानशीलता और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने बंगाल का विभाजन कराकर न केवल बिहार को अलग राज्य के रूप में स्थापित कराया बल्कि राज्य के सचिवालय और…
साहित्य सम्मेलन शारदा सिन्हा की स्मृति में प्रतिवर्ष दिया करेगा स्मृति-सम्मान आयोजित हुई शोक-गोष्ठी, सम्मेलन अध्यक्ष ने कहा राष्ट्रीय-गौरव थीं शारदा जी
पटना, ६ नवम्बर । बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन विश्रुत लोक-गायिका बिहार-कोकिला शारदा सिन्हा की स्मृति में प्रतिवर्ष उनके नाम से स्मृति-सम्मान दिया करेगा। यह सम्मान लोकसंगीत में मूल्यवान अवदान देने वाली गायिका को प्रदान किया जाएगा।यह घोषणा सम्मेलन अध्यक्ष…
CIN /साहित्य सम्मेलन ने बाबू रघुवीर नारायण और प्रो मनोरंजन प्रसाद सिन्हा के साथ महाकवि पण्डित मोहनलाल महतो ‘वियोगी’ को किया श्रद्धापूर्वक स्मरण, दी काव्यांजलि
पटना, ४ नवम्बर। भारत के संपूर्ण आंतरिक सौंदर्य और आध्यात्मिक-ऊर्जा से परिचय कराने वाला, अमर कवि बाबू रघुवीर नारायण का गीत ‘बटोहिया’ ने संपूर्ण जगत को भारतीय-दिव्यता से परिचय कराया ही, भारत को उसका ‘राष्ट्रीय-बोध’ भी कराया। वहीं…
CIN /गरीब बच्चों में मिठाइयाँ बाँट कर साहित्य सम्मेलन में मनायी गयी दीपावली, कर्मियों को दिए गए उपहार
पटना, १ नवम्बर । बिहार की प्राचीनतम साहित्यिक संस्था बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, गरीब बच्चों में मिठाइयाँ तथा फुलझड़ियाँ बाँट कर दीपोत्सव मनाया गया। गुरुवार की संध्या सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने दीप-प्रज्वलित कर प्रकाशोत्सव का आरंभ किया।…
CIN /साहित्य और ज्ञान की संज्ञा थे आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव / जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने अपने पूर्व प्रधानमंत्री को दी श्रद्धांजलि, आयोजित हुआ कवि-सम्मेलन
पटना, २८ अक्टूबर। आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव होने का अर्थ था एक सजीव शब्द-कोश और साहित्य का पर्यायवाची शब्द ! बहुभाषाविद-मनीषी श्री सूरिदेव वास्तव में साहित्य और ज्ञान की संज्ञा थे। संस्कृत सहित अनेक भारतीय भाषाओं के वे महापण्डित और ‘प्राकृत’…