कोरोनावायरस से पूरा हिंद विश्व आकर्षित है। भारत में भी कोरोना ने अपना पैर जमा लिया है। कहते हैं कि जब इंसान ठान ले तो क्या नहीं कर सकता। जैसे कि आजकल बहुत सारे एन जी ओ और सामाज सेवी सोसाइटी लोगों के हित में कार्य कर रहीं हैं। लॉकडाउन के समय में जरूरतमंद मजदूर, प्रवासी मजदूरों के लिए समाजसेवी संस्थाएं ही सहारा बनी। उन्ही में एक ऐसा फाऊंडेशन है जिसका नाम हेल्प फार नीडी है जिसकी स्थापना आनंद जैन ने की इस संस्था का मुख्य उद्देश्य रहा है कि किसी जरूरत मंद को जिस भी मदद की जरूरत पडी है, उसे संस्था द्वारा उपलब्ध करवाया गया है। चाहे वो गरीब लड़कियों की शादी हो या किसी भी समय अस्पताल में खून की जरूरत पडी हो किसी ज़रूरत मंद को राशन आदि की आवश्यकता पडी हो संस्था के सदस्यो द्वारा तत्काल संपर्क साध के हर जरूरत को पूरा किया गया है। फाऊंडर आनंद जैन से बातचीत के दौरान उन्होंने यह सारी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनका जन्म जिला फरीदकोट जो कि बाबा फरीद की चरण स्र्पस धरती है वहां पर पिता राकेश जैन व माता सुनीता के घर 29 जून 1991 को हुआ। उन्होंने बताया कि सामाजसेवा प्रेरणा बचपन में ही उनके पिता राकेश जैन से मिली। उन्होंने कहा कि सामाजसेवा का सफर 2001 से आपने गृह स्थान फरीदकोट से शुरू करके आज पूरे पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में चल रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते हुए लाकडाऊन के दौरान इनकी संस्था द्वारा प्रशासन के साथ मिलकर ज़रूरत मंद लोगों को राहत सामग्री पहुंचने का कार्य युद्ध स्तर पर किया गया। हेल्प फार नीडी फाउंडेशन को अब तक 50 से ऊपर सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज उनके कार्य को देखते हुए होप इंटरनेशनल वर्लड रिकॉर्ड ने भी पूरे पंजाब में से उनको सोशल अचीवमेंट सार्टिफिकेट देकर वर्लड रिकॉर्ड में शामिल किया है। यह संस्था के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि इन सभी सामाजिक कार्यो में उनके संस्था सदस्यो के साथ साथ उनके दोस्तो का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने होप इंटरनेशनल वर्लड रिकार्ड का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी संस्था को यह सम्मान जो होप इंटरनेशनल वर्लड रिकार्ड ने दिया है उसके लिए वह संस्था सदस्यों सहित होप इंटरनेशनल वर्लड रिकार्ड के आभारी हैं। इस मौके पर उनके साथ संदीप कुमार, दीक्षित चोपड़ा, वरदान सचदेवा व विक्की मौजूद रहे।
निखिल की रिपोर्ट.



























