Kaushlendra Pandey/मुंबई/नई दिल्ली: प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप की आने वाली फ़िल्म ‘फूलों’ एक बार फिर विवादों में घिर गई है। फ़िल्म के एक डायलॉग “ब्राह्मण में मै मुतूँगा” ने ब्राह्मण समाज में भारी नाराज़गी पैदा कर दी है। देश भर के ब्राह्मण संगठनों, संत समाज, और बुद्धिजीवियों ने इस डायलॉग को ब्राह्मणों के खिलाफ अपमानजनक, अशोभनीय और जातीय विद्वेष फैलाने वाला करार दिया है।
क्या है मामला?
अनुराग कश्यप की फिल्म फूलों के एक दृश्य में यह संवाद बोला गया है – “ब्राह्मण में मै मुतूँगा”। सोशल मीडिया पर यह वीडियो क्लिप वायरल होते ही देशभर में विरोध की लहर दौड़ गई। कई जगहों पर फिल्म के पोस्टर्स को जलाया गया, विरोध-प्रदर्शन किए गए और कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।
ब्राह्मण संगठनों का आक्रोश
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, सनातन संस्था और काशी के विद्वानों ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर अनुराग कश्यप से सार्वजनिक माफी की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार फ़िल्मों में ब्राह्मणों को निशाना बनाना अब एक फैशन बन गया है, जो समाज को तोड़ने का कार्य कर रहा है।
सोशल मीडिया पर बायकॉट ट्रेंड
ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #BoycottPhoolon, #ShameOnAnuragKashyap जैसे ट्रेंड टॉप पर चल रहे हैं। हजारों यूज़र्स ने फ़िल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की है और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से दखल देने की अपील की है।
अनुराग कश्यप की सफाई
मीडिया के सवालों के जवाब में अनुराग कश्यप ने कहा कि, “मेरी फ़िल्म किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं है। यह डायलॉग किरदार की सोच को दर्शाने के लिए है, न कि मेरी निजी राय को।” हालांकि यह सफाई समाज के आक्रोश को शांत करने में नाकाम रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा और कई अन्य राजनीतिक दलों ने भी फ़िल्म में इस्तेमाल किए गए शब्दों को “अस्वीकार्य” बताया है। कुछ नेताओं ने इसे सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए अनुराग कश्यप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।—निष्कर्ष:फ़िल्म फूलों को लेकर उत्पन्न विवाद यह दर्शाता है कि फ़िल्मकारों को रचनात्मक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए। जाति, धर्म या किसी भी समुदाय की भावनाओं से खिलवाड़ करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि सामाजिक ताना-बाना तोड़ने का प्रयास माना जाएगा।





























