रिपोर्ट: Country Inside News Agency | पटना, 20 अप्रैल 2025/बिहार की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। जदयू के प्रवक्ता डॉ. निहोरा प्रसाद यादव ने राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “मानसिक रूप से दिवालिया” करार दिया है।
डॉ. यादव ने यह बयान देते हुए कहा, “तेजस्वी यादव का हालिया बयान दर्शाता है कि वे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। शराबबंदी जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे पर वे जातीय राजनीति कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।”
जदयू प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राजद ने शराब कंपनियों से इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए करोड़ों की राशि ली है, और अब वह शराबबंदी हटाने की साजिश रच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी द्वारा ताड़ी पर प्रतिबंध हटाने की बात संविधान और समाज के हित के खिलाफ है।
तेजस्वी यादव के उस बयान पर जिसमें उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को खराब बताया, जदयू प्रवक्ताओं ने करारा जवाब दिया। डॉ. यादव ने कहा, “बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर जिनके पास कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है, वे सिर्फ सोशल मीडिया की राजनीति कर रहे हैं। तेजस्वी को पहले खुद को जनता के बीच लाकर दिखाना चाहिए।”
डॉ. निहोरा ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए कहा कि “एक सजायाफ्ता पिता के बेटे को अगर नैतिकता की बात करनी है, तो पहले अपने दल के इतिहास को देखें।” उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना करते हुए कहा कि “नीतीश जी स्वतंत्रता सेनानी के बेटे हैं और उनके योगदान को कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता।”
बिहार की राजनीति में इन दिनों जिस तरह से व्यक्तिगत हमले और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, उससे साफ है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले माहौल पूरी तरह से गर्म हो चुका है।

























