सौरभ निगम/कैथोलिक ईसाई समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का आज निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। वेटिकन ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने अंतिम सांस वेटिकन सिटी स्थित अपने निवास पर ली। उनके निधन से पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रधानमंत्री मोदी नें गहरा दुःख जताया.
पोप फ्रांसिस का वास्तविक नाम जॉर्ज मारियो बेर्गोलियो था। वे मार्च 2013 में पोप चुने गए थे और वे पहले लैटिन अमेरिकी तथा पहले येसुइट पोप थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने चर्च में कई सुधार किए, सामाजिक न्याय, जलवायु परिवर्तन और शांति के मुद्दों पर खुलकर बोले।
विश्वभर के नेताओं, धार्मिक गुरुओं और श्रद्धालुओं ने पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि अर्पित की है। वेटिकन ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों की भी जानकारी दी है, जिसमें दुनियाभर के गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है।
उनकी सादगी, करुणा और मानवीय दृष्टिकोण ने करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उनका जाना न सिर्फ कैथोलिक समुदाय के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

























