उमर फारुख -कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज सालबोनी में पूर्वी भारत के पहले पर्यावरण अनुकूल कोयला आधारित सुपर/अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास किया। यह 1600 मेगावाट (2×800 मेगावाट) क्षमता वाला पावर प्रोजेक्ट JSW एनर्जी द्वारा ₹16,000 करोड़ के निवेश से विकसित किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक परियोजना 23 जिलों को बिजली आपूर्ति करेगी और 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने JSW समूह के 2000 एकड़ में बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क का भी शिलान्यास किया, जो राज्य में युवाओं के लिए नए आर्थिक अवसरों और हजारों रोजगार के द्वार खोलेगा।
ममता बनर्जी ने कहा, “जब हमारी सरकार बनी थी, तब राज्य की पावर जनरेशन क्षमता केवल 2000 मेगावाट थी। आज यह बढ़कर 10,000 मेगावाट हो चुकी है और हम इसे ₹48,000 करोड़ के निवेश के साथ 18,000 मेगावाट तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि सागरदिघी में 660 मेगावाट, बक्रेश्वर में 2 यूनिट (660-660 मेगावाट) और संतलडिह में 800 मेगावाट की परियोजनाएं चल रही हैं। 2011 में जहां केवल 1.7 लाख बिजली उपभोक्ता थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 2.3 लाख हो चुकी है। राज्य सरकार गरीब परिवारों को 100 यूनिट मुफ्त बिजली भी दे रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि WBPDCL को भारत की सर्वश्रेष्ठ पावर यूटिलिटी घोषित किया गया है, जहां इसके 4 प्लांट देश के टॉप-10 में शामिल हैं। राज्य में अब तक 3.5 लाख किलोमीटर की विद्युत लाइनें बिछाई गई हैं, 750 सबस्टेशन बनाए गए हैं और ग्रिड को मजबूत करने में ₹76,000 करोड़ का निवेश किया गया है। अकेले मेदिनीपुर जिले में ‘माँ, माटी, मानुष सरकार’ ने ₹3,700 करोड़ का निवेश किया है, जो हाल ही में JSW समूह के ₹16,000 करोड़ के निवेश के अतिरिक्त है।
ममता बनर्जी ने कहा, “हमारे पॉलीटेक्निक और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। आज बंगाल एक औद्योगिक शक्ति है और पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार बन चुका है।”
उन्होंने JSW ग्रुप के चेयरमैन श्री सज्जन जिंदल का आभार व्यक्त किया.

























