स्नेहा सिंह, कोलकाता से रिपोर्ट/अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के दिघा में नवनिर्मित श्री जगन्नाथ धाम मंदिर का द्वारोद्घाटन एवं प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा विधिवत सम्पन्न हुई। इस शुभ अवसर पर 108 पवित्र सामग्रियों से प्रभु का अभिषेक किया गया, जिससे समूचे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
मंदिर उद्घाटन समारोह में आद्यापीठ, दक्षिणेश्वर, बेलूड़ मठ, कामारपुकुर, जयरामबाठी, कचुआ लोकनाथधाम सहित राज्य के विभिन्न धार्मिक स्थलों से सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसने बंगाल की सर्वधर्म समभाव की परंपरा को दर्शाया।
मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले कलाकारों और शिल्पकारों को धन्यवाद देते हुए आयोजकों ने कहा कि मां-माटी-मानुष को समर्पित यह मंदिर एक नई सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनेगा। यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि आने वाले युगों में बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और एकता का जीवंत उदाहरण भी रहेगा।
उद्घाटन के साथ ही मंदिर को आम जनता के दर्शन हेतु खोल दिया गया है। इस ऐतिहासिक दिन पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीजगन्नाथ की अपार महिमा का गुणगान करते हुए विश्व में शांति, सौहार्द और कल्याण की कामना की।




























