प्रियंका भारद्वाज, रायपुर।कभी जिन मासूम हाथों में नक्सलियों ने बंदूकें थमा दी थीं, आज उन्हीं हाथों में किताबें और उज्जवल भविष्य की उम्मीदें हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल ‘लियोर ओयना’ योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़कर उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी जा रही है।
बीजापुर जिले के उसूर और गंगालूर विकासखंड से आए बच्चों और युवाओं को रायपुर व नवा रायपुर लाकर उन्हें शासन, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा व्यवस्था से अवगत कराया जा रहा है।
इस पहल की केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने भी सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे प्रयास न केवल बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करते हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति और विकास की नींव भी रखते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ऐसे जनहितकारी और शांति-स्थापना वाले कार्यों में राज्य सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
‘लियोर ओयना’, जिसका स्थानीय गोंडी भाषा में अर्थ है “चलो जानें”, अब छत्तीसगढ़ में शिक्षा और पुनर्वास की नई कहानी लिख रही है।
रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी, रायपुर




























