रिपोर्ट:कौशलेन्द्र पाण्डेय/पटना/नई दिल्ली। बिहार चुनाव प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से कम होगी। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए राज्य में 12,817 नए मतदान केंद्र जोड़े गए हैं।
चुनाव आयोग ने बताया कि यह कदम मतदाताओं को अधिक सुविधा देने और भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शी व सुगम बन सके।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं की सूचियाँ सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ साझा की हैं, जो या तो EF (Elector Forms) नहीं लौटा पाए हैं या जिनका पता सत्यापन के दौरान गलत पाया गया है।
आयोग ने यह भी घोषणा की है कि 1 अगस्त से प्रारंभिक मतदाता सूची पर आपत्तियाँ दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें आम जनता को नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन कराने के लिए पूरा एक महीना उपलब्ध रहेगा।
यह कदम चुनावी पारदर्शिता, भागीदारी और सुधार की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है।



























