तिआनजिन पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, SCO समिट में देंगे भारत की आवाज़ और करेंगे कई विश्व नेताओं से अहम वार्ता
Kaushlendra Pandey /तिआनजिन (चीन)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चीन के तिआनजिन पहुँचे, जहाँ वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। तिआनजिन एयरपोर्ट पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री ने अपने आगमन पर कहा कि वे इस समिट में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन deliberations (मंथन) के लिए उत्सुक हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि वे इस अवसर पर कई विश्व नेताओं से मुलाक़ात कर विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
भारत के लिए क्यों अहम है यह SCO समिट?
🔹 शंघाई सहयोग संगठन (SCO) विश्व के सबसे बड़े बहुपक्षीय मंचों में से एक है, जिसमें रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान समेत मध्य एशिया के कई देश शामिल हैं।
🔹 इस शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद निरोध, ऊर्जा सहयोग, व्यापार, स्टार्टअप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
🔹 भारत के लिए यह अवसर होगा कि वह एशिया के उभरते देशों के साथ अपने रिश्ते मज़बूत करे और क्षेत्रीय संतुलन में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाए।
प्रधानमंत्री की संभावित मुलाक़ातें
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और मध्य एशियाई देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाक़ात कर सकते हैं। इन बैठकों में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
भारत का एजेंडा
भारत इस बार समिट में “आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति”, “सतत विकास” और “क्षेत्रीय शांति” जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। साथ ही, भारत अपनी ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के जरिए सदस्य देशों को नई संभावनाओं से जोड़ने पर भी ज़ोर देगा।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों और वैश्विक कूटनीति के लिहाज़ से भी अहम माना जा रहा है।
✍️ कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी