नई दिल्ली — भारत के 76वें संविधान दिवस पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक ने अधिकारियों को संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का सामूहिक वाचन कराया। उन्होंने अधिकारियों को संविधान में निहित मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों को अपने कार्यों और आचरण में प्रतिबिंबित करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर सचिव ने कहा कि भारत का संविधान न केवल देश की शासन व्यवस्था का आधार है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों, कर्तव्यों और शक्तियों का संरक्षक भी है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय का दायित्व विशेष है, क्योंकि यह देश की महिलाओं और बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कार्य करता है और ऐसे में संवैधानिक मूल्यों का पालन और भी आवश्यक हो जाता है।
कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) द्वारा भी संविधान दिवस के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी गई और नागरिकों से संविधान के प्रति कर्तव्यबोध बनाए रखने की अपील की गई।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और सावित्री ठाकुर ने भी संविधान दिवस पर संदेश जारी कर संविधान की भावना को मजबूत करने, समानता, न्याय और स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि देश के未来 को दिशा देने वाले मूल्यों की पुनर्स्मृति का दिन है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने की प्रतिज्ञा के साथ किया गया।



























