नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय तटरक्षक बल की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ₹5,083 करोड़ के दो महत्वपूर्ण अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत उन्नत एएलएच एमके-II (एमआर) हेलीकॉप्टर और वीएल-एसएचटीआईएल मिसाइल प्रणालियों की खरीद की जाएगी।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ये दोहरे इंजन वाले एएलएच एमके-II (मैरिटाइम रोल) हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम से लैस हैं। ये मौजूदा हवाई प्लेटफार्मों की तुलना में अधिक सक्षम और आधुनिक हैं। ये हेलीकॉप्टर तटवर्ती हवाई अड्डों के साथ-साथ समुद्र में तैनात जहाजों से भी ऑपरेट कर सकेंगे और समुद्री सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मिशनों को प्रभावी ढंग से अंजाम देंगे।
इन हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से Indian Coast Guard की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। विशेष रूप से कृत्रिम द्वीपों, अपतटीय तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों की सुरक्षा, समुद्री सीमाओं की निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, मछुआरों की सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण संरक्षण जैसे दायित्वों को निभाने में बल को मजबूती मिलेगी।
इसके साथ ही वीएल-एसएचटीआईएल (वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल) प्रणाली से तटीय सुरक्षा ढांचे को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे हवाई खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की समुद्री सुरक्षा रणनीति को भी नई ताकत देगा।
(स्रोत: पीआईबी)




























