पटना स्थित बापू टावर सभागार में आज ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा वाटरएड इंडिया के सहयोग से राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करना एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पंप ऑपरेटरों को सम्मानित करना तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्य प्रणाली को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों से आई महिला पंप ऑपरेटरों एवं अनुरक्षकों/वार्ड सदस्यों को ‘हर घर नल का जल’ योजना के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं विभिन्न उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान जलापूर्ति प्रणाली में उनकी निरंतर सक्रिय, जिम्मेदार एवं जमीनी स्तर पर प्रभावी भूमिका की औपचारिक पहचान के रूप में दिया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन संबोधन में अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री नित्यानंद प्रसाद ने कहा कि ‘हर घर नल का जल’ योजना केवल एक आधारभूत संरचना परियोजना नहीं, बल्कि एक सशक्त सामुदायिक पहल है, जिसकी सफलता में महिला पंप ऑपरेटरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने योजनाओं के संचालन, नियमित अनुरक्षण एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने में उल्लेखनीय दक्षता का परिचय दिया है तथा समुदाय के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर जल प्रबंधन को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन महिलाओं के योगदान को उचित पहचान एवं निरंतर प्रोत्साहन देना गुणवत्तापूर्ण एवं सतत जलापूर्ति व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम में जल जीवन हरियाली,लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, बिहार महादलित मिशन, ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों/उपक्रमों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है। सभी ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि यदि विभागों के बीच समन्वय और मजबूत किया जाए, तो ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि स्वच्छ पेयजल की व्यापक उपलब्धता के परिणामस्वरूप राज्य में जलजनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य की स्थिति में स्पष्ट सुधार परिलक्षित हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान अनुभव साझा सत्र में विभिन्न जिलों की महिला पंप ऑपरेटरों/अनुरक्षकों ने अपने अनुभव, नवाचार एवं सफल प्रयास साझा किए। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए उन्मुखीकरण सत्र आयोजित कर जल गुणवत्ता परीक्षण, फील्ड टेस्टिंग किट (FTK) के उपयोग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित पंप संचालन एवं निवारक अनुरक्षण जैसे विषयों पर उनकी क्षमता वृद्धि की गई।
कार्यक्रम के दौरान श्री नित्यानंद प्रसाद ,अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव, श्री अभय कुमार, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव (कार्य प्रबंधन), श्री अरविंद कुमार,अपर सचिव एवं विभिन्न विभागों/उपक्रमों से आए वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

























