Kaushlendra Pandey/बिहार के वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने आज नई दिल्ली में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार एवं कार्यात्मक मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब आगामी केंद्रीय बजट को लेकर राज्यों की अपेक्षाएं तेज़ हो गई हैं। मुलाकात के दौरान बिहार के आर्थिक विकास, केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता, विशेष पैकेज और लंबित योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने बिहार की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और अधिक जनसंख्या के दबाव का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहयोग की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बिहार देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते राज्य को पर्याप्त केंद्रीय सहयोग मिले।
बिहार की प्रमुख मांगें केंद्र के सामने रखीं
बैठक में बिहार सरकार की ओर से खासतौर पर:
बुनियादी ढांचे (सड़क, पुल, रेलवे परियोजनाएं) के लिए अतिरिक्त आवंटन
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्रीय योजनाओं का विस्तार
कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास के लिए विशेष पैकेज
औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने हेतु वित्तीय सहायता
रोजगार सृजन और कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए विशेष अनुदान
जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।
केंद्रीय वित्तमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार के वित्त मंत्री की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार संतुलित और समावेशी विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में राज्यों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यथासंभव सहयोग किया जाएगा।
राज्य-केंद्र संबंधों के लिए अहम मानी जा रही है यह बैठक
राजनीतिक और आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात बिहार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। ऐसे समय में जब बिहार को विकास की रफ्तार तेज़ करने की जरूरत है, केंद्र के साथ सीधा संवाद राज्य के हित में माना जा रहा है।
मुलाकात के बाद वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है और केंद्र सरकार के सहयोग से विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी।
आगामी बजट पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें आगामी केंद्रीय बजट पर टिकी हैं कि क्या बिहार को विशेष राहत और अतिरिक्त संसाधन मिल पाते हैं या नहीं। यह बैठक आने वाले समय में बिहार की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।





























