नई दिल्ली। Bhupender Yadav की अध्यक्षता में भगीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन (BESZ) को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और विकासात्मक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय (Convergence) को अत्यंत आवश्यक बताया गया, ताकि भगीरथी क्षेत्र में पर्यावरणीय सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी गति मिल सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं और आजीविका को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
चर्चा का मुख्य केंद्र BESZ अधिसूचना के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा। बैठक में यह बात सामने आई कि सतत विकास (Sustainable Development) के संतुलित दृष्टिकोण के जरिए ही इस क्षेत्र का समग्र विकास संभव है।
Ministry of Environment, Forest and Climate Change ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जो आने वाले समय में पारिस्थितिकी और विकास के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा।
(कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी)



























