Kaushlendra Pandey नई दिल्ली। भारत में वर्ष 2027 की जनगणना प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ हो गया है, जो मकानसूचीकरण और मकानों की गणना के साथ विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान माना जा रहा है। इस बार की जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि इसमें पहली बार डिजिटल डेटा कैप्चर और स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई है।
इस अभियान की अगुवाई करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं सबसे पहले ऑनलाइन स्व-गणना कर देशवासियों को डिजिटल प्रक्रिया अपनाने का संदेश दिया। उनके इस कदम को जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके साथ ही उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्व-गणना पूरी कर इस डिजिटल पहल को समर्थन दिया।
सरकार के अनुसार, जनगणना-2027 में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे डेटा संग्रहण अधिक सटीक, पारदर्शी और तेज़ होगा। नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा मिलने से प्रक्रिया में सरलता और सहभागिता दोनों बढ़ेंगी।
यह जनगणना न केवल जनसंख्या के आंकड़ों का संग्रह करेगी, बल्कि विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार भी तैयार करेगी। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें।
(रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी)

























