04 अप्रैल 2026, पटना। जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार में बिहार औद्योगिक निवेश का हब बन रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से उद्योगपति बिहार में निवेश को लेकर लगातार रुचि दिखा रहे हैं। ये इस बात का प्रमाण है कि बिहार अब केवल संभावनाओं की धरती नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए तेजी से उभरता हुआ विश्वसनीय स्थल बन चुका है। निवेशकों की इस अभूतपूर्व रुचि को देखते हुए राज्य सरकार ने बिहार प्रोत्साहन पैकेज की अवधि 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून तक करने का फैसला लिया है।
बिहार में 100 से अधिक कंपनियों द्वारा निवेश की तैयारी यह दर्शाती है कि राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेश-अनुकूल वातावरण का असर अब जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इन प्रस्तावित निवेशों के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में 70 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जो बिहार के युवाओं के लिए आशा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय खोलेगा। साथ ही लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का संभावित निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति, नई ऊर्जा और नया विस्तार प्रदान करेगा।
यह उल्लेखनीय है कि इस प्रोत्साहन पैकेज के कारण सीमेंट, लेदर तथा अन्य विनिर्माण क्षेत्रों की अनेक कंपनियां बिहार में उद्योग स्थापित करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही हैं। उद्योग विभाग के अनुसार, इस पैकेज की आकर्षक और व्यवहारिक संरचना के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां भी बिहार में निवेश को लेकर बातचीत कर रही हैं। यह केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार की बदलती छवि, बेहतर बुनियादी ढांचे, सुशासन और स्थिर नीतिगत वातावरण की बड़ी सफलता है।
25 अगस्त 2025 को बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज निवेशकों के लिए अत्यंत प्रभावी और आकर्षक पहल साबित हुआ है। इस पैकेज के अंतर्गत निवेशकों को 40 करोड़ रुपये तक के ब्याज पर अनुदान दिया जा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना की लागत में उल्लेखनीय राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने और 1000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को 10 एकड़ तक निःशुल्क जमीन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं 1000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को 25 एकड़ तक जमीन आवंटित करने की व्यवस्था बिहार सरकार की गंभीर मंशा और उद्योग-समर्थक दृष्टिकोण को स्पष्ट करती है।
बिहार में आज जो औद्योगिक माहौल बना है, वह किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व, सुशासन, कानून-व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढ़ांचे के विस्तार और निवेशकों के प्रति भरोसेमंद नीतिगत प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम है। आज बिहार देश के निवेश मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है और यह परिवर्तन राज्य के विकास की नई पहचान बन चुका है।




























