Kaushlendra Pandey. वेस्ट एशिया की बदलती स्थिति के मद्देनज़र भारत सरकार ने अपनी तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह (IGoM) की बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर विशेष फोकस रखा गया।
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का ध्यान तैयारी (preparedness), समन्वय (coordination) और लचीलापन (resilience building) पर केंद्रित रहना चाहिए।
प्रमुख फैसले और अपडेट:
🔹 ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित
सरकार ने LPG, पेट्रोल, डीज़ल और उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। साथ ही जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।
🔹 LPG सप्लाई में बड़ा बदलाव
8 अप्रैल को एक अहम निर्णय लेते हुए औद्योगिक सेक्टर के लिए LPG सप्लाई को आसान बनाया गया है।
कुल ईंधन मांग का 70% हिस्सा गैर-घरेलू (non-domestic) उपभोक्ताओं को आवंटित
फार्मा, खाद्य, पॉलिमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट्स, स्टील और रक्षा क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर्स को प्राथमिकता
🔹 PNG को बढ़ावा
LPG पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।
PNG कनेक्शन अभियान के चलते 3.16 लाख नए कनेक्शन जोड़े गए
यह संख्या मार्च 2025 के मुकाबले तीन गुना वृद्धि दर्शाती है
सरकार का मानना है कि इन कदमों से किसी भी वैश्विक संकट की स्थिति में भारत की आपूर्ति व्यवस्था मजबूत और स्थिर बनी रहेगी।


























