Kaushlendra Pandey पटना, सोमवार, दिनांक 06.07.2026ः जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना श्री कुन्दन कुमार ने कहा है कि 182- बांकीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के रिक्त पद पर उप निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संपूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। वे आज समाहरणालय स्थित सभागार में इस विषय पर आयोजित एक समीक्षा बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 2 जुलाई, 2026 को प्रेस नोट जारी होते ही बांकीपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गयी है तथा निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक लागू रहेगी। सभी स्टेकहोल्डर्स यथा राजनैतिक दल, अभ्यर्थी, सरकारी पदाधिकारी/कर्मी, आम आदमी इसका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 06 जुलाई को अधिसूचना जारी की गई है। नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। 30 जुलाई को मतदान होना है तथा 03 अगस्त को मतगणना की तिथि निर्धारित है। निर्वाची पदाधिकारी भूमि सुधार उप समाहर्ता, पटना सदर के साथ 14 अन्य अधिकारी सहायक निर्वाची पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में आदर्श आचार संहिता का अनुपालन, विधि-व्यवस्था संधारण, व्यय अनुश्रवण, प्रशिक्षण, कार्मिकों की प्रतिनियुक्ति, वाहनों की उपलब्धता, एमसीएमसी, मतदाता जागरूकता, कार्मिक कल्याण इत्यादि की समीक्षा की तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव का हर एक चरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। नाम निर्देशन, संवीक्षा, अभ्यर्थिता वापसी, मतदान, मतगणना सहित निर्वाचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया की समाप्ति तक सभी पदाधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि उप निर्वाचन कार्य को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए 21 कोषांगों का गठन किया गया है। ये सभी सतत क्रियाशील है। सभी कोषांगों के वरीय नोडल पदाधिकारियों एवं नोडल पदाधिकारियों का दायित्व पहले से ही निर्धारित है। संबंधित पदाधिकारीगण अन्तर्कोषांगीय समन्वय स्थापित कर अपने-अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करें। भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के सफलतापूर्वक संचालन हेतु सम्पूर्ण विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र को 42 सेक्टर में बाँटकर इतनी ही संख्या में सेक्टर पदाधिकारियों तथा सेक्टर पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। साथ ही 3 फ्लाईंग स्क्वायड, 9 स्टैटिक सर्विलांस टीम (प्रति पाली 3 स्टैटिक सर्विलांस टीम) तथा 3-3 वीडियो सर्विलांस टीम एवं वीडियो व्यूइंग टीम भी आदर्श आचार संहिता अनुपालन, विधि-व्यवस्था संधारण, निर्वाचन व्यय अनुश्रवण सहित हर एक गतिविधि पर नजर रख रही है।
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ज़िलाधिकारी ने कार्मिक कोषांग, प्रशिक्षण कोषांग, ईवीएम एवं वीवीपैट कोषांग, वाहन कोषांग, सामग्री कोषांग, आदर्श आचार संहिता कोषांग, व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग, प्रेक्षक एवं प्रोटोकोल कोषांग, विधि-व्यवस्था, वीएम एण्ड सेक्युरिटी प्लान/ विधि-व्यवस्था समन्वय कोषांग, मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग, स्वीप एवं पीडब्ल्यूडी, वीटीआर उन्नयन कोषांग, कम्प्यूटराईजेशन साइबर सेक्युरिटी-आईटी-एसएमएस-प्रतिवेदन कोषांग, एसएमएस मॉनिटरिंग एवं जिला संचार योजना/डीईएमपी कोषांग, जिला सम्पर्क केन्द्र(डीसीसी)/हेल्प लाईन/नियंत्रण कक्ष/शिकायत एवं समाधान अनुश्रवण कोषांग, पोस्टल बैलेट पेपर/ईटीबीपीएस कोषांग, वज्रगृह एवं मतगणना कोषांग, सीएपीएफ कोषांग, कार्मिक कल्याण कोषांग, मतदाता सूची एवं मतदान केन्द्र कोषांग तथा जिला निर्वाचन समन्वय कोषांग के कार्यों की समीक्षा की तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के अनुपालन हेतु विविध कोषांगों का गठन किया गया है, ताकि निर्वाचन से संबंधित सभी गतिविधियों का कुशलतापूर्वक अनुश्रवण किया जा सके। निर्वाचन के सफल क्रियान्वयन हेतु आदर्श आचार संहिता के अनुश्रवण के लिए गठित मुख्य कोषांग निम्नवत हैः-
- आदर्श आचार संहिता कोषांग।
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विधि व्यवस्था कोषांग।
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निर्वाचन व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग।
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जिला सम्पर्क केन्द्र/हेल्प लाईन/नियंत्रण कक्ष/शिकायत एवं समाधान अनुश्रवण कोषांग।
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मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग इत्यादि।
जिलाधिकारी ने कहा कि उप निर्वाचन के सफलतापूर्वक संचालन हेतु डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान एवं बूथ मैनेजमेंट प्लान का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अधिकारियों को उत्कृष्ट एवं प्रभावी बूथ-लेवल कॉम्युनिकेशन प्लान बनाने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि वाहन कोषांग द्वारा वाहनों की आवश्यकता का आकलन कर उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। नोडल अधिकारी को मापदंडों के आधार पर वाहनों की आवश्यकता-उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी को निर्वाचन पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए आयोग द्वारा प्रदत्त विभिन्न पोर्टल-मोबाईल एप पर निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न गतिविधियों से संबंधित डिजिटल कार्य को ससमय करने का निदेश दिया।
जिलाधिकारी द्वारा निर्वाची पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को मानकों के अनुसार नामांकन हेतु सुदृढ़ प्रबंध सुनिश्चित रखने का निदेश दिया गया। अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) तथा अनुमण्डल पदाधिकारी एवं अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी को आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन तथा विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि नामांकन पत्र प्रस्तुत करते समय निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय के 100 मीटर की परिधि में अभ्यर्थी द्वारा केवल तीन वाहन अनुमान्य है। निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष नामांकन प्रस्तुत करते समय अभ्यर्थी के साथ चार अन्य व्यक्ति प्रवेश कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को इन सभी प्रावधानों एवं नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधान सभा आम निर्वाचन में अभ्यर्थी हेतु निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा 40 लाख रूपये निर्धारित की गई है। जिलाधिकारी ने निर्वाचन व्यय अनुश्रवण कोषांग के पदाधिकारियों को निर्वाचन व्यय पर पैनी नजर रखने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी वाहन का उपयोग चुनाव कैम्पेन में नहीं किया जाएगा। सरकारी सम्पत्ति का प्रयोग राजनीतिक विज्ञापनों के लिए नहीं किया जाएगा। स्कूल-कॉलेज के मैदानों का उपयोग राजनीतिक सभा के लिए किया जा सकता है बशर्ते स्कूल-कॉलेज का शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित न हो तथा स्कूल-कॉलेज प्रबन्धन से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हो। जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को इसका अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया। उन्होंने निर्वाची पदाधिकारी को हेल्पडेस्क एवं सिंगल विण्डो सिस्टम को क्रियाशील रखने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता से संबंधी विषयों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मतदाताओं को एपिक (मतदाता पहचान पत्र) उपलब्ध कराने के बारे में आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करें।
जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को ईवीएम-वीवीपैट वितरण स्थल, वज्रगृह स्थल, तकनीकी प्रबंधन सहित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं कोषांग के नोडल पदाधिकारी इसे सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन लोकतांत्रिक ढांचा का रीढ़ एवं भारतीय गणतंत्र का आधार है। जिला प्रशासन निर्वाचन कार्य को उत्सवी माहौल में सम्पन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पदाधिकारियों को मतदान केन्द्रों पर सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं यथा पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, रैम्प, साइनेज, शेड, फर्नीचर इत्यादि का भौतिक सत्यापन कर उपलब्धता सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है। उप विकास आयुक्त, पटना को इसका अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पत्ति विरूपण की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि अधिकारीगण सम्पति विरूपण की घटनाओं पर पैनी नजर रखेंगे।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी स्टेकहोल्डर्स निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण होने तक आयोग द्वारा निर्गत ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ का अनुपालन करें। उन्होंने कहा कि मत प्राप्ति हेतु किसी को डराना, धमकाना या रिश्वत देना कानूनी अपराध है। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व प्रचार करना/राजनीतिक बैठक करना निषेध है। किसी के मकान/दीवार पर बिना उनके अनुमति के लेखन करना/पोस्टर लगाना निषेध है। दूसरे दल के जुलूस को बाधा पहुँचाना, दूसरे दल या प्रत्याशी के बैनर-पोस्टर-होर्डिंग हटाना अपराध है।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में अपराधियों के विरूद्ध निरोधात्मक कार्रवाई एवं सीसीए के तहत कार्रवाई की समीक्षा की गई। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-126, धारा-135, धारा-129, सीसीए-3 एवं सीसीए-12 के तहत विभिन्न मामलों में असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कार्रवाई की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव को देखते हुए निरोधात्मक कार्रवाई तथा शस्त्र अनुज्ञप्ति के सत्यापन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि शस्त्र अधिनियम का सख्ती से अनुपालन कराएँ। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मद्य निषेध अधिनियम का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि अपराधियों के विरूद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की सुसंगत धाराओं यथा धारा-126, धारा-135 एवं धारा-129 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उपद्रवी तत्वों से नियमानुसार बांड भरवाएँ। इसके लिए थानों में कैम्प कोर्ट का आयोजन करने का निदेश दिया गया। अधिकारियों को सीसीए-3 एवं सीसीए-12 के तहत अपराध नियंत्रण हेतु नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शांति भंग करने की किसी भी चेष्टा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वाले तत्वों के विरूद्ध सख्त-से-सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निदेश दिया गया है कि असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत प्रभावी कार्रवाई किया जाए। आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों के पूर्व के वृत्तांत को देखते हुए उनके विरूद्ध सजग रहकर विधिसम्मत कार्रवाई करें। भू-माफिया, बालू माफिया, शराब माफिया, मद्य निषेध के संगठित गिरोहांे एवं गैर-कानूनी आर्थिक गतिविधियों तथा अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी द्वारा पदाधिकारियों को आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों के पूर्व के वृत्तांत को देखते हुए उनके विरूद्ध विधिसम्मत सख्त कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। साथ ही उत्कृष्ट एवं प्रभावी बूथ-लेवल कॉम्युनिकेशन प्लान का क्रियान्वयन करने, निर्वाचन व्यय का अनुश्रवण करने, वल्नरेबल हैमलेट तथा वल्नरेबल निर्वाचक की पहचान कर भेद्य मतदाताओं के बीच आत्मविश्वास जागृत करने का निदेश दिया गया। उन्होंने पदाधिकारियों को मतदाताओं को उनके ’मत का महत्व बताने तथा मतदान करने के लिए प्रेरित करने के लिए सघन अभियान’ चलाने का निदेश दिया।
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जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में है, वे मतदान के लिये फोटोयुक्त वोटर आईडी कार्ड के अलावा 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाकर मतदाता मतदान कर सकते हैं। हर अधिकारी इसका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। किसी भी वोटर को कोई परेशानी नहीं हो यह सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी द्वारा सभी पदाधिकारियों को अन्तर्कोषांगीय समन्वय स्थापित कर भारत निर्वाचन आयोग के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 3,79,471 निर्वाचक हैं। 422 मतदान केन्द्र है जो 164 मतदान केन्द्र अवस्थितियों (पोलिंग स्टेशन लोकेशन) में स्थित है। सभी मतदान केन्द्रों पर कार्मिकों की नियुक्ति जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना द्वारा की जा रही है। कार्मिक कोषांग के नोडल अधिकारी को चुनाव के लिए कार्मिकों की आवश्यकता एवं उपलब्धता के आकलन के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि हरएक बूथ पर आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पीठासीन पदाधिकारी, मतदान पदाधिकारी-1, 2 एवं 3 की तैनाती, माइक्रोऑब्जर्वर, मतगणना हेतु मतगणना कर्मियों इत्यादि (रिजर्व सहित) के प्रारंभिक आकलन के अनुसार निर्वाचन में करीब 3,000 (तीन हजार) कार्मिकों की आवश्यकता होगी। समुचित संख्या में कार्मिक उपलब्ध हैं। कर्मियों का डाटाबेस तैयार कर पोर्टल पर इन सबकी इन्ट्री की जा रही है। आयोग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार समुचित संख्या में कर्मियों को सुरक्षित भी रखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सभी कार्मिकों को विधिवत ढंग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला-स्तरीय प्रशिक्षण कार्य योजना तैयार की गई है। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा निर्वाचन कार्य में संलग्न हरएक पदाधिकारी एवं कर्मी को विभिन्न चरणों में प्रशिक्षित किया जाएगा । इन सभी को चुनाव के हर पहलू के बारे में विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे अपने दायित्वों का आयोग के निर्देशों के अनुरूप त्रुटिरहित ढंग से निर्वहन करने में सक्षम होंगे।
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जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्रतिनियुक्ति की तारीख से निर्वाचन परिणाम के घोषित किए जाने की तारीख तक भारत निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त समझे जाते हैं और तदनुसार उस अवधि के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अधीन कार्यरत रहते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारी न केवल निष्पक्षता के साथ कार्य करेंगे बल्कि लोगों के बीच उनकी कार्य-निष्पक्षता परिलक्षित भी होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी तरह की लापरवाही, अनियमितता या शिथिलता पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई की जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अपने दायित्वों का आयोग के निर्देशों के अनुरूप त्रुटिरहित ढंग से निर्वहन करने में सक्षम हों।
मतदाता जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने स्वीप कोषांग में शामिल लगभग 20 विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को उप निर्वाचन में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी विधानसभा क्षेत्र में सामान्यतः कम वोटर टर्नआउट देखा जाता है। फिर भी वर्ष 2024 और 2025 के आम चुनावों में वीटीआर में जिला में अच्छी बढ़ोतरी हुई थी। जिलेवासियों ने निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस बार भी विधानसभा उप चुनाव में सभी के सहयोग से हमलोग वीटीआर को और बेहतर करेंगे। इसके लिए परम्परागत एवं आधुनिक दोनों तरीकों से सघन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। परंपरागत माध्यमों में रंगोली, पेंटिंग, मेहंदी, स्लोगन, पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स इत्यादि शामिल है। आधुनिक माध्यमों में एक्स, फेसबुक एवं अन्य सोशल मीडिया, ऐप, सेल्फी प्वायंट, तकनीक का इस्तेमाल इत्यादि का प्रयोग किया जाएगा। पटना जिला प्रशासन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगभग 2 लाख फॉलोअर हैं जिसमें छात्र-छात्रा, अभिभावक, शिक्षक, प्रोफेसर, कर्मचारी, अधिकारी, किसान, व्यवसायी, उद्यमी सभी शामिल हैं। इन प्रगतिशील, सुशिक्षित एवं प्रबुद्ध लोगों के माध्यम से जन-जन को वोट डालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। पटना जिला प्रशासन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिला फॉलोअर की संख्या भी काफी अच्छी है। इनके माध्यम से जेंडर रेशियो तथा महिलाओं के वोटिंग प्रतिशत में सुधार के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया है कि चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए गाँव-गाँव में अभियान चलाएँ तथा लोगों को मतदान करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति उदासीनता अच्छी स्थिति नहीं है। इसमें परिवर्तन लाने के लिए स्वीप गतिविधि अंतर्गत नियमित तौर पर कार्यक्रम का आयोजन करें। जिन मतदान केन्द्रों पर पूर्व के चुनावों में कम वोटर टर्नआउट हुआ है वहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान चलाएँ। मतदाताओं को उनके मत का महत्व बताएँ तथा मतदान करने के लिए प्रेरित करें। डीएम ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त सार्वभौम वयस्क मताधिकार हम सभी के लिए बहुमूल्य है। जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। चुनावों में उच्च मतदान प्रतिशत इसे एक नया आयाम देगा।
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प्रलोभन-मुक्त चुनाव
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रलोभन-मुक्त मतदान के लिए सघन अभियान चलाने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्रवार भेद्यता मानचित्रण संबंधी कार्य किया जा रहा है। सेक्टर पदाधिकारी तथा सेक्टर पुलिस पदाधिकारी भी वलनरेबल हैमलेट तथा वलनरेबल निर्वाचक की पहचान कर रहे हैं। वे भेद्य टोलों में लगातार भ्रमण कर लोगों से सम्पर्क संख्या प्राप्त कर रहे हैं। उन्हें भेद्य मतदाताओं के साथ नियमित बैठक कर मतदाताओं के बीच आत्मविश्वास जागृत करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन व्यय के अनुश्रवण के लिए 24×7 टीम सक्रिय है। लगभग 20 इनफोर्समेंट एजेन्सीज पैसों के ट्रांजैक्शन पर नजर रख रही है। मादक पदार्थ, अवैध शराब, जाली करेंसी, अनधिकृत राशि एवं बहुमूल्य धातुओं के परिचालन पर रोक तथा प्रभावी नियंत्रण हेतु पोस्ट स्थापित किया जाएगा। मद्य निषेध के प्रभावी क्रियान्वयन के दृष्टिकोण से हॉटस्पॉट चिन्हित किया गया है तथा निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता कोषांग तथा विधि-व्यवस्था कोषांग सतत क्रियाशील है। चुनाव में मानकों के अनुसार स्टैटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी), फ्लाईंग स्क्वायड (एफएस) सहित विभिन्न टीम तैनात रहेगा। ’भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार फ्लाईंग स्क्वायड चुनाव तिथि घोषित होते ही सक्रिय हो गया है और मतदान की तिथि तक कार्य करेगा। स्टैटिक सर्विलांस टीम अधिसूचना की तिथि से क्रियाशील हो गया है तथा विधान सभा के लिए निर्मित चेक पोस्ट पर स्टैटिक रहकर 24×7 कार्य करेगा’। जिलाधिकारी ने कहा कि पदाधिकारियों को विधानसभा उप निर्वाचन के दरम्यान आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निदेश दिया कि किसी भी व्यक्ति/समूह द्वारा मतदाताओं को भयभीत न किया जाए तथा प्रलोभन न दिया जाए। राइट टू वोट पर किसी भी तरह का खतरा उत्पन्न करने की चेष्टा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा निर्वाचकों को डराने, धमकाने, प्रभावित करने और प्रलोभन देने के सभी प्रयासों को डेडिकेटेड टीम द्वारा विफल किया जाएगा। डीएम ने कहा कि निर्वाचकों को प्रभावित करने के लिए नकदी या घूस की कोई भी वस्तु का वितरण या बाहुबल का इस्तेमाल करना अपराध है। असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी पदाधिकारी इस पर नजर रखेंगे।
जिलाधिकारी ने निर्वाचकों से भी बिना किसी भय या प्रलोभन के निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रियता से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ’भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार का सुसूचित, नैतिक एवं प्रलोभन-मुक्त तरीके से प्रयोग कर हम अपने समृद्ध लोकतंत्र को एक नया आयाम दे सकते’ हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि उप विकास आयुक्त, पटना सभी कोषांगों के सम्पूर्ण वरीय प्रभार में हैं। वे सभी कोषांगों से समन्वय स्थापित करते हुए निर्वाचन संबंधी कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके स्तर पर भी प्रतिदिन सभी कोषांगों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि हम लोकतंत्र के इस उत्सव को एक सुखद अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सभी निर्वाचकों से अपील है कि वे इस विधानसभा उप चुनाव में वोट जरूर दें। इससे हमारा समृद्ध लोकतंत्र और प्रस्फुटित होगा तथा इसे एक नया आयाम मिलेगा।
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“जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार बहुमूल्य है एवं इस अधिकार का प्रयोग एक नागरिक के लिए अत्यावश्यक है। चुनाव में उच्च मतदान प्रतिशत हमारे प्रजातंत्र को एक नया आयाम देगा।”
……….जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सहायता हेतु वोटर हेल्पलाईन 1950 कार्यरत है जिसपर निर्वाचकों को हर तरह की सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। कोई भी व्यक्ति इसपर संपर्क कर निर्वाचन से संबंधित सूचना प्राप्त कर सकते हैं।
इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, निर्वाची पदाधिकारी, सभी कोषांगों के नोडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।





























