सौरभ निगम। भारतीय नौसेना के स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित सबसे बड़े सर्वेक्षण जहाज INS संध्यायक (INS Sandhayak) ने 16 से 19 जुलाई 2025 के बीच मलेशिया के पोर्ट क्लैंग में अपना पहला बंदरगाह दौरा पूरा किया। यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच हाइड्रोग्राफिक सहयोग और समुद्री साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस दौरान भारतीय जहाज के अधिकारियों और मलेशियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय चर्चा हुई। मलेशियाई हाइड्रोग्राफिक कार्यालय के साथ संयुक्त अभ्यास और अनुभव साझा करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया। INS संध्यायक की यह यात्रा भारत की ‘SAGAR’ (Security and Growth for All in the Region) नीति के अनुरूप है, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को प्राथमिकता दी जाती है।
INS संध्यायक को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित किया गया है और यह उन्नत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण उपकरणों से लैस है। जहाज न केवल समुद्री मानचित्रण में सक्षम है, बल्कि मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस दौरे के दौरान जहाज के क्रू ने स्थानीय स्कूलों में सामाजिक सेवा गतिविधियों में भी भाग लिया और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
यह दौरा दोनों देशों के बीच नौसैनिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।




























