सौरभ निगम/ जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय ने कार्यस्थलों पर यौन सुरक्षा सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यौन उत्पीड़न अधिनियम (POSH Act) पर एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत निवारण की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका और अधिनियम के विभिन्न कानूनी प्रावधानों की गहरी समझ प्रदान करना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने स्पष्ट रूप से बताया कि POSH अधिनियम का उद्देश्य केवल कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर सम्मान, गरिमा और समानता की संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। वक्ताओं ने यह भी जोर दिया कि किसी भी सरकारी कार्यालय में सुरक्षित, भयमुक्त और पारदर्शी माहौल बनाना हर कर्मचारी और अधिकारी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सत्र में कर्मचारियों को वास्तविक उदाहरणों, केस स्टडी और इंटरैक्टिव चर्चा के माध्यम से यह बताया गया कि यदि किसी कर्मचारी को व्यवहारिक, मानसिक या शारीरिक तौर पर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न महसूस होता है तो वह किस प्रकार और कहाँ शिकायत कर सकता है। साथ ही यह भी समझाया गया कि शिकायत दर्ज करने वाले कर्मचारी की गोपनीयता सर्वोपरि रहेगी और उसकी पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
विभाग ने आश्वस्त किया कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी कर्मचारी अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें तथा कार्यस्थल पर शून्य-सहिष्णुता की नीति को मजबूती मिल सके।



























