नई दिल्ली। प्लास्टिक सर्कुलैरिटी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने आज सर्कुलर इकोनॉमी को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की। यह साझेदारी सरकार और कॉरपोरेट जगत के बीच नवाचार आधारित सहयोग का नया मॉडल प्रस्तुत करती है।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, रीसाइक्लिंग नवाचार और सस्टेनेबल प्रोडक्शन मॉडल्स को बढ़ावा देना है, ताकि देश में प्लास्टिक प्रदूषण कम हो और संसाधनों का पुन: उपयोग सुनिश्चित हो सके। AIM और HUL मिलकर युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और उद्योगों को ऐसे समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित करेंगे जो पर्यावरण के अनुकूल एवं आर्थिक रूप से व्यवहारिक हों।
अटल इनोवेशन मिशन ने इसे एक “लैंडमार्क पार्टनरशिप” बताते हुए कहा कि इससे प्लास्टिक सर्कुलैरिटी के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे और भारत तेजी से सस्टेनेबल इकोनॉमी की ओर अग्रसर होगा। वहीं HUL ने कहा कि कॉरपोरेट और सरकार का संयुक्त प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनेगा।
यह पहल जलवायु परिवर्तन, अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को और मजबूत करेगी।
— कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी





























