अमित राय/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राज्य के कृषि विभाग ने राज्य की जलवायु और मौसम के अनुकूल चार नई उच्च उपज वाली धान की किस्में विकसित की हैं। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए इससे जुड़े वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि पुरुलिया के सूखा-प्रतिरोध अनुसंधान केंद्र और चुंचुड़ा के धान अनुसंधान केंद्र में कई वर्षों के गहन शोध के बाद इन नई किस्मों को विकसित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन चार नई किस्मों में से तीन किस्में—‘सुभाषिणी’, ‘लछमंती’ और ‘मुसाफिर’—राज्य के पश्चिमी हिस्सों जैसे पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया और बांकुड़ा के सूखा-प्रवण इलाकों के लिए उपयुक्त हैं। ये किस्में खरीफ मौसम में प्रति हेक्टेयर 52 से 55 क्विंटल तक उत्पादन देने में सक्षम हैं।
वहीं, दक्षिण बंगाल के बाढ़-प्रवण क्षेत्रों के लिए ‘इरावती’ नामक एक विशेष किस्म विकसित की गई है, जो लंबे समय तक जलमग्न रहने पर भी नष्ट नहीं होती और तेज़ आंधी-तूफान में गिरती नहीं है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इन चार नई किस्मों को मिलाकर 2011 से अब तक राज्य सरकार ने किसानों के हित में कुल 25 नई फसलों की किस्में विकसित की हैं, जिनमें से 15 किस्में धान की हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नई किस्में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
— कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी























