नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज अखिल भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि कर्मयोग के माध्यम से प्रत्येक नागरिक भारत के सतत और समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि केवल भौतिक प्रगति से राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है, बल्कि नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना के साथ विकास को आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कर्मयोग व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निष्ठा, ईमानदारी और समाजहित में निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जब नागरिक अपने कार्यों को सेवा भाव और नैतिकता से जोड़ते हैं, तब समाज में संतुलन, शांति और समरसता स्थापित होती है। ऐसे प्रयास भारत को न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानवीय मूल्यों के आधार पर भी विश्व का मार्गदर्शक बना सकते हैं।
ब्रह्म कुमारी संस्था द्वारा शुरू किया गया यह अभियान राष्ट्र के हर वर्ग तक कर्मयोग, आत्मचिंतन और मूल्य-आधारित जीवन शैली का संदेश पहुंचाने का कार्य करेगा। सम्मेलन में देशभर से बड़ी संख्या में साधक, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
— रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी




























