Kaushlendra Pandey /मुख्य ब्यूरो नई दिल्ली/त्रिशूर। भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने केरल के त्रिशूर में ‘चेतना गणाश्रम’ के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत का संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा, ध्यान, प्रार्थना और जीवन का उत्सव है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘चेतना गणाश्रम’ एक पर्यावरण-अनुकूल (ईको-फ्रेंडली) संगीत परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो सामाजिक और धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र भारतीय संगीत और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध संगीत परंपरा ने सदियों से समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक चेतना जगाने का कार्य किया है। ऐसे संस्थान युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम में स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और कला-जगत से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। उपराष्ट्रपति ने सभी से भारतीय संगीत और संस्कृति के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।





























