सौरभ निगम / भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात के गांधीनगर स्थित लोक भवन में आयोजित ‘सामाजिक समरसता महोत्सव’ में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने देश के समग्र, समावेशी और न्यायसंगत विकास के लिए सामाजिक सद्भाव को अत्यंत आवश्यक बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में एकता और समरसता ही प्रगति की मजबूत नींव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब समाज में समानता और आपसी सम्मान की भावना मजबूत होती है, तभी देश का संतुलित विकास संभव हो पाता है।
अपने भाषण में राष्ट्रपति ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि बाबासाहेब ने देश की प्रगति और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बहुआयामी योगदान दिए। उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी भूमिका को ऐतिहासिक बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम करते हैं और हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर एक समरस और सशक्त भारत का निर्माण करना चाहिए।
(रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी)




























