उमर फारुख की रिपोर्ट/ निरसा से लेकर पूरे झारखंड में जल, जंगल व जमीन बचाने के नाम पर लूट मची है। नदी–तालाबों पर अवैध कब्जा कर फर्जी कागजात के जरिये जमीन की प्लाटिंग कर भू माफिया द्वारा ऊंचे दामों में बेची जा रही है। यह धंधा वर्षों से फल फूल रहा है। बहु-बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है। कानून व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य की जनता गठबंधन की इस हेमंत सरकार की नीतियों से त्राहिमाम है। इस अंधी व बहरी सरकार को सबक सिखाने को भाजपा ने कमर कस ली है। 12 नवंबर को झारखंड के प्रखंड कार्यालयों के समक्ष धरना प्रदर्शन कर आंदोलन का बिगुल फूंकेगी। सोमवार को भाजपा के धनबाद जिला ग्रामीण अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा ने यह बात कुमारधुबी में आयोजित प्रेसवार्ता में कही। कहा कि राज्य सरकार किसानों की ऋण माफ करने, एक सौ यूनिट बिजली मुफ्त देने आदि कई वादे चुनाव में किय थे। लेकिन सरकार के कार्यकाल के तीन वर्ष बीत जाने पर भी कोई वादे पूरेनहीं किये गये। जिससे झारखंड की जनता खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। आगे कहा कि राज्य में शिक्षकों की घोर कमी के कारण प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था लचर हो गयी है। डाक्टर व दवा के अभाव में गरीब परिवार असमय मरने को मजबूर हैं। बिजली कटौति और पेयजल की किल्लत से भी जनता त्रस्त है। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चलाकर हेमंत सरकार अपनी नकामियों को छुपाने का काम कर रही है। खुलेआम बालू, पत्थर एवं कोयले की लूट हो रही है। इसमें शामिल सफेदपोशों को आंदोलन में बेपर्दा किया जायेगा।



























