नई दिल्ली |कौशलेन्द्र पाण्डेय- कंट्री इनसाइड ब्यूरो:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने एक और साहसिक व राष्ट्रहित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह निर्णय पाकिस्तान की लगातार शत्रुतापूर्ण गतिविधियों, आतंकवाद को समर्थन और जल समझौते के दुरुपयोग को देखते हुए लिया गया है। यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा, जल संरक्षण और भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है सिंधु जल संधि?
1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ यह समझौता अब तक दोनों देशों के बीच जल वितरण का आधार रहा है। लेकिन वर्षों से पाकिस्तान इस संधि का दुरुपयोग करता आ रहा था, और अब भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तानी नागरिकों को अल्टीमेटम
भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश जारी कर दिया गया है। यह फैसला देश की आंतरिक सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है।
कंट्री इनसाइड विशेष विश्लेषण:
इस फैसले के क्या होंगे भू-राजनीतिक प्रभाव?
क्या यह भविष्य में पाकिस्तान पर और दबाव बनाएगा?
भारत की नई जल नीति क्या संकेत देती है?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब बात राष्ट्रहित की हो, तो वह किसी भी दबाव में झुकने वाले नेता नहीं हैं।
यह फैसला भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति, संप्रभुता और आत्मसम्मान का प्रतीक है।



























